दिल को चुस्त दुरुस्त कैसे रखें How to keep the heart fit and active.

How to keep the heart fit and active

 How to keep the heart fit and active
दिल को चुस्त दुरुस्त कैसे रखें How to keep the heart fit and active:- बिगड़ी लाइफस्टाइल और अनियमित आहार के कारण 30 से 40 साल की उम्र में ही लोगों को हृदय रोग होने लगे है। हल साल 29 सितम्बर को वर्ल्ड हार्ट-डे मनाया जाता है ताकि लोगों को हृदय और इससे जुड़े रोगों के प्रति अवेयर किया जा सके क्योंकि हृदयघात के लक्षणों को जानना हर किसी के लिए जरूरी है कई बार इसके लक्षण इतने सामान्य दिखते है कि मामूली सा दर्द समझकर टाल दिया जाता है। लेकिन ये इतना घातक होता है कि लोग इसके खतरे को भाप नहीं पाते और हृदयघात के शिकार हो जाते है। दिल को चुस्त दुरुस्त कैसे रखें :- इसी आर्टिकल की मदद से आज हम जानेंगे कि अपने दिल को कैसे सुरक्षित रखा जाए। 


⇒ हृदयघात के मुख्य कारण क्या है ?

कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ना 
 अधिक धूम्रपान करना 
⇨ एल्कोहल लेना 
⇨ तनाव 
⇨ आनुवांशिकता 
⇨ मोटापा 
 उच्च रक्तचाप 

⇒ हृदय रोगों के प्रकार :-

⇨ कोरोनरी धमनी रोग :-
यह बिमारी धमनियों में अपशिष्ट जमा होने के कारण होती है जो हृदय में रक्त के बहाव को रोककर हार्ट -स्ट्रोक के खतरे को बढ़ा देता है। 

⇨ जन्मजात हृदय रोग :-
यह रोग जन्म के समय हृदय की सरंचना की खराबी के कारण होता है जन्मजात हृदय की खराबियां हृदय में जाने वाले रक्त के सामान्य प्रवाह को बदल देती है। 

⇨ हाइपरटेंसिव हृदय रोग :- 
यह उच्च रक्तचाप से ग्रस्त हृदय रोग है। उच्च रक्तचाप दिल और रक्त वाहिकाओं को भारी कर देता है जिसके परिणामस्वरूप दिल की बीमारियां होती है। 

⇨ रुमेटिक हृदय रोग :-
यह बीमारी रुमेटिक फीवर से जुडी हुई है यह ऐसी अवस्था है जिसमें हृदय के वाल्व क्षतिग्रस्त हो जाते है। यह प्रक्रिया स्ट्रेप्टोकोकल बैक्टीरिया के कारण गले के संक्रमण से शुरू होती है यदि इसका इलाज़ नहीं किया जाए तो गले का यह संक्रमण रुमेटिक बुखार में बदल जाता है बार-बार रुमेटिक बुखार से ही रुमेटिक हृदय रोग विकसित होता है रुमेटिक बुखार एक सूजनेवाली बिमारी है जो शरीर के ख़ास कर हृदय ,जोड़ों ,मस्तिष्क या त्वचा को जोड़ने वाले ऊतकों को प्रभावित करती है।  

⇒ दिक़्क़त को ऐसे पहचाने :-

यदि आपको काफी दिनों से खांसी-जुकाम है। और थूक सफेद या गुलाबी रंग का हो रहा है तो सतर्क हो जाएं। ये हार्ट-फेल का एक लक्षण है। 

पैरों में सूजन :- 
टखनों ,तलवों और एंकल्स में सूजन आने का मतलब ये भी हो सकता है की हार्ट में रक्त संचार ठीक प्रकार से नहीं हो रहा है। 

सांस लेने में दिक़्क़त :-
सांस लेने में दिक़्क़त होना ,कोई शारीरिक क्रिया नहीं कर रहे हो तो भी अधिक पसीना आना।  आपके लिए चेतावनी हो सकती है। 

मितली या घबराहट होना :-
हार्टबर्न और पेट में दर्द हो तो अलर्ट हो जाएं। इसके अलावा कई बार दिल के रोगी को छाती और बाएं कधें में शिकायत होने लगती है ये दर्द धीरे -धीरे हाथों की तरफ निचे की और जाने लगता है। ऐसे मामलो में बिलकुल सतर्क रहे।  

⇒ क्या करें ?


तले-भुने भोजन से परहेज करें , नॉनवेज फ़ूड का सेवन कम करें। फ़ास्ट फ़ूड और जंकफूड से बिलकुल दूर रहे। स्मोकिंग और एल्कोहल से परहेज करें।  धूल -धुंए से बचने के लिए मास्क का प्रयोग करें। आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रताप चौहान , डायरेक्टर जीवा आयुर्वेद बताते है कि आयुर्वेद कि सहायता से हृदय को  स्वस्थ रख सकते है दिल की बीमारियों का मुख्य कारण ,एमा ,है। एमा एक विषाक्त पदार्थ है। भोजन न पचने से इसका निर्माण होता है। इसलिए ऐसी चीजें ही लें जो सुपाच्य हो। भोजन के अलावा डाइट में मौसमी फल ,ताज़ी सब्ज़ियां ,सलाद ,स्प्राउट्स ,सब्ज़ियों का सूप ,छाछ और पनीर का सेवन करें।

 ⇒ Conclusion :-

हम सभी अपने दिल कि केयर करने कि कोशिश में लगे रहते है। परतुं आजकल का खानपान दिल की बीमारियों का सबसे बड़ा दुश्मन है अगर हम अपने खाने पर नियंत्रण कर लें। तो हम अवश्य ही हृदयघात पर विजय पा लेंगें। हमारा आपसे यही आग्रह है कि मोस्टली तौर पर अपने खान-पान पर ध्यान दें। और हाँ तनाव मुक्त रहे. तनाव से भी बहुत लोग हृदयघात के शिकार हुए है इसलिए Safe रहे Secure रहे। 


Extra Tips:-

 मीठा नहीं भी खाएं तो काम चल सकता है। 

 How to keep the heart fit and active
पको जानकर हैरत होगी कि शरीर में सबसे ज्यादा गैरजरूरी है शक़्कर। जबकि खाने के आखिर में मीठा खाए बिना भोजन का समापन नहीं होता। शरीर को ग्लूकोस से ऊर्जा मिलती है शक़्कर ,शहद ,कोल्ड ड्रिंक्स और जूस आदि यह खतरा बढ़ाते है। इसके विपरीत आटा ,चावल ,दाल खासकर साबुत अनाज व् फल सब्जी से रक्त को शर्करा धीरे-धीरे मिलती है 

⇒ बिना पेस्ट के भी दांत हो सकते है साफ़। 

 How to keep the heart fit and active
द  जर्नल ऑफ़ द अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन के छपे एक ट्रायल के मुताबिक़ जिन वॉलेंटियर्स ने सूखे ब्रश से अपने दांतों को साफ़ किया। उनमें प्लाक में  63 फीसदी कमी पाई गई। और मसूड़ों में खून आने की समस्या 53 फिसदी कम हो गई। सूखा ब्रश कठोर होता है इसलिए ज्यादा प्लाक हटा सकता है सूखे ब्रश से आप बाथरूम के अलावा भी इधर -उधर टहलते हुए भी लम्बे समय तक दांत साफ़ कर सकते है। 


Laughter Therapy:-

⇨ बिल्ली :-
बांके चिड़ियाघर में गया ,वहां शेर ने उसे मार दिया। 
बंदर शेर से बोला : तुमने आज उस आदमी को क्यों मारा  ?
शेर :और नहीं तो क्या करता,
स्टुपिड कब से मुझे देख कर चिल्ला रहा था ,
इतनी बड़ी बिल्ली  ..! इतनी बड़ी बिल्ली .......!  

⇨ कस्टमर :-
शोरूम पर काम के दौरान बांके का किसी
 कस्टमर के साथ झगड़ा हो गया। 
जब मालिक को पता चला तो उसने 
बांके को कस्टमर से माफ़ी मांगने को कहा। 
बांके फ़ोन पर :सर , मैं मिस्टर मेहरा की दूकान से बोल रहा हूँ ,
कल मैंने आपको गुस्से में कहा था कि भाड़ में जाओ  ....!
ग्राहक : हां कहा था। 
बांके : तो बस अब मत जाना। 


Thank You For Reading 

Post a Comment

0 Comments

All Rights Reserved - Hashwh.com - 2018