जानिए क्या है बांझपन के कारण - Top Reason of Infertility in Hindi.

जानिए क्या है बांझपन के कारण 

Top Reason of Infertility in Hindi
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बांझपन के कारण - Top Reason of Infertility in Hindi:- हमारे देश में बांझपन एक बड़ी समस्या है। यह बहुत निराशाजनक होता है कि जब महिला मातृत्व का अनुभव करना चाहती हो और उस स्तिथि में गर्भ परीक्षण का परिणाम अच्छा न हो।  कि आप यह समझें कि अब आईवीएफ एक मात्र ही विकल्प है , यह जरुरी है कि आप बांझपन के कुछ महत्वपूर्ण कारण को जानें :-

 #  पर्याप्त स्वस्थ एग की कमी तो नहीं :-

एक बच्ची तय संख्या के एग के साथ जन्म लेती है। लेकिन उम्र बढ़ने के साथ स्वस्थ एग की संख्या में कमी आटी है। अमेरिकन सोसायटी ऑफ़ रिप्रोडक्टिव मेडिसिन की एक रिपोर्ट के अनुसार 30 वर्षीय एक स्वस्थ महिला में प्रत्येक माह माँ बनने के चांसेज 20 प्रतिशत रह जाते है अगर आप फर्टिलिटी ड्रग ले रहे है तो एग की संख्या कम हो जाती है। 

क्या करें :- 

स्वस्थ एग होना जरूरी है। आप धूम्रपान करते है तो माँ बनने का सुख पाने के लिए उसे तुरंत छोड़ दें। स्वस्थ एग के लिए आईयूआई या आईवीएफ के बिना किसी भी तरह की दवा का प्रयोग न करें। एक अच्छे आईवीएफ सेंटर व् अच्छे विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। 

 #  पीसीओएस एक अनजान खतरा :-

पीसीओएस भी माँ बनने में बहुत बड़ा रोड़ा है। इस बिमारी में माहवारी चक्र बिगड़ जाता है , साथ ही पुरुष हार्मोन अधिक हो जाते है। यह 5 से 10 फीसदी महिलाओं में होता है। इसके साथ ही यह एग के न पनप पाने का कारण होता है। महिलाएं जिनमें माहवारी चक्र सही नहीं है , चेहरे, छाती और कमर आदि पर बालों का बढ़ना पीसीओएस के लक्षण है। यह परेशानी सामान्य से ज्यादा व् कम वजन होने से , शराब व धूम्रपान के सेवन और थायरॉयड असंतुलन से भी होने की आशंका रहती है।  

क्या करें :- 

माँ बनने के लिए सबसे पहले शरीर का स्वस्थ होना बहुत जरूरी है।  वाली महिला का वजन न ज्यादा कम और न ही बहुत ज्यादा हो। पीसीओएस के लक्षण होने पर सबसे ज्यादा जरूरी है कि बिना देर किए हुए पोलेस्टिक ओवरी सिंड्रोम यानी पीसीओएस की जाँच करवाएं। इस मामले में लापरवाही न बरतें और किसी अच्छे विशेषज्ञ की सहायता लेकर चिकित्सा लें। 

 #  फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक होने पर :-

अगर किसी महिला की फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक या क्षतिग्रस्त है तो इससे भी महिला मातृत्व के सुख से वंचित रह सकती है। एक अनुमान के मुताबिक़ 35 प्रतिशत महिलाएं इस कारण से ग़र्भपति नहीं हो पाती है। किसी पिछली सर्जरी के कारण भी महिलाओं में फैलोपियन ट्यूब ब्लॉक होने की शिकायत हो सकती है। 

क्या करें :- 

यह जरूरी है कि ट्यूब खुली रहे वरना स्पर्म व एग में कम्युनिकेट नहीं हो पाएगा। विशेषज्ञ आपको एक्स-रे के माध्यम से इस बिमारी के बारे में बता सकता है। और यदि आपको यह समस्या है। तो आपके पास आईवीएफ एकमात्र रास्ता है। 

 #  आपका साथी तो नहीं जिम्मेदार :-

एक तिहाई मामलों में बांझपन की समस्या पुरुषों की वजह से होती है। अगर आपके जीवनसाथी का वजन ज्यादा है , वह शराब का सेवन और धूम्रपान करता है तो सावधान हो जाइए , आपके जीवनसाथी की यह आदात माँ बनने के सुनहरे अवसर में रुकावट पैदा कर सकती है। प्रोस्टेट ग्लैड्स भी एक बड़ी समस्या है। 

क्या करें :- 

इस स्तिथि में वजन कम करना व् धूम्रपान छोड़ देना एक असरदार उपाय हो सकता है। आपके जीवनसाथी कि लिए यह जरूरी है कि वह अपने शारीरिक परीक्षण के लिए किसी विशेषज्ञ से सम्पर्क करें। इसके साथ ही सीमेन परीक्षण भी जरूरी होता है। समस्या पता चलने के बाद आईयूआई या आईवीएफ तकनीक एक बेहतर विकल्प हो सकते है। इसके साथ-साथ फलों का सेवन करें। इनसे एंटीऑक्सीडेंट फायदे होंगें।  

 #  एंडोमेट्रिओसिस भी है बाधक :-

एंडोमेट्रिओसिस एक मेडिकल समस्या है , यह समस्या वैश्विक रूप से लगभग 89 मिलियन युवा महिलाओं को है जिनमें से 25 मिलियन भारतीय है , डॉक्टर्स का मानना है कि  इसकी वजह से माहवारी के दौरान ज्यादा दर्द , अधिक रक्त स्त्राव के साथ -साथ यह समस्या 30 से 50 प्रतिशत महिलाओं में बांझपन का भी कारण बन सकती है। 

क्या करें :- 

एंडोमेट्रिओसिस से जूझ रही महिलाओं के लिए ग़र्भवती होना चुनौतीपूर्ण होता है। इसलिए इसके इलाज़ में देर करना बड़ी समस्या बन सकता है। युवा महिलाएं जो इस बिमारी से पीड़ित है , उनके लिए आईयूआई या आईवीएफ क्या होता है तकनीक कारगर साबित हो सकती है 

 #  महिला सिस्ट से जुड़े कुछ सवाल जवाब :-

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 #  क्या महिलाओं में ओवेरियन सिस्ट की समस्या किससे होती है ?

जंक फ़ूड जैसे पीजा और बर्गर शरीर को नुक्सान पहुंचाते है। अत्याधिक तैलीय , मीठा व् वसायुक्त भोजन न खाएं। ज्यादा मीठा भी सेहत के लिए नुक्सानदायक है। इस बिमारी के पीछे डायबिटीज भी एक कारण हो सकता है। खानपान में हरी पत्तेदार सब्ज़ियों को शामिल करें। और फल भी खाएं। 

 #  महिलाओं में मोटापा और लाइफस्टाइल भी परेशानी का कारण बन सकती है ?

मोटापा हर मर्ज़ में परशानी का कारण बनता है। ज्यादा वसायुक्त भोजन , व्यायाम की कमी और जंक फ़ूड का सेवन तेज़ी से वजन बढ़ाता है। अधिक चर्बी से एस्ट्रोजन हार्मोन की मात्रा में बढ़ोतरी होती है। , जो ओवरी में सिस्ट बनाने के लिए जिम्मेदार माना जाता है। वजन घटाने से इस बिमारी को बहुत हद तक काबू में किया जा सकता है। इन दिनों ज्यादा काम के चक्कर में तनाव और चिंता अधिक रहती है। इस वजह से लड़कियां अपने खाने-पिने पर ध्यान नहीं दे पाती। साथ ही लेट नाईट पार्टी में ड्रिंक और स्मोकिंग उन्हें हानि पहुंचाता है। 

 #  इस समस्या के शुरूआती लक्षण क्या है ?

चेहरे पर बाल उग आना, मुंहासे, पिगमेंटेशन, अनियमित माहवारी, ग़र्भधारण में मुश्किल इत्यादि कुछ ऐसे लक्षण है। जिनकी ओर महिलाएं ध्यान नहीं देती है। इसके साथ ही पेट के आस-पास अधिक मात्रा में फैट जमा होने की समस्या भी दिखती है। कुछ मामलों में ये लक्षण किशोरावस्था की शुरुआत और माहवारी के शुरू होने के समय से दिखने लगते है। तो कई मामलों में 25-26 साल की उम्र के बाद ये लक्षण धीरे-धीरे विकसित होते है। 

 #  इसका इनफर्टिलिटी ( बांझपन ) और बाकी शरीर से क्या संबंध है ? 

यह तब होता है जब ओवरी हार्मोन में असंतुलन पैदा हो जाता है। हार्मोन में जरा सा भी बदलाव मासिक धर्म चक्र पर तुरंत असर डालता है। इस वजह से ओवरी में छोटा अल्सर ( सिस्ट ) बन जाता है। अगर यह समस्या लगातार बनी रहती है तो न केवल प्रजनन क्षमता पर असर पड़ता है बल्कि यह आगे चलकर कैंसर का रूप भी ले सकती है। 

 #  इससे कैसे बचा जा सकता है  ?

हार्मोन को संतुलित कर लिया जाए तो यह समस्या ठीक हो जाएगी। लड़कियों को खेल में हिस्सा लेना चाहिए। व्यायाम करना चाहिए। अपने खाने-पाने का भी अच्छे से ख्याल रखना चाहिए। खानपान और लाइफस्टाइल सुधारकर इससे बचा जा सकता है  

 #  Note:-

 #  15 से 20 मिलियन लोग भारत में है बांझपन के शिकार। 
 #   लगभग 25 मिलियन महिलाएं एंडोमेट्रिओसिस से पीड़ित है। 
 #   एक अनुमान के मुताबिक़ वैश्विक रूप से 60 से 80 मिलियन विवाहित जोड़े बांझपन के शिकार है। 

 #  सोच बदलिए :-

बांझपन के मामले बढ़ते जा रहे है। देखा गया है कि बांझपन के मामलों में पूरी तरह महिला को ही जिम्मेदार ठहराया जाता है , जबकि कई मामलों में इसके लिए पुरुष भी जिम्मेदार होता है। इस सोच को बदलकर सही जाँच कराने की जरूरत है। ताकि पता चला सके कि जो इलज़ाम महिला पर लगाया जा रहा है वो सच है , या बेबुनियाद है। क्योंकि पति -पत्नी के रिश्ते में दोषी तो पत्नी ही ठहराया जाता है। भले ही वो गलत ना हो !
अंत: हमारी आपसे यही गुज़ारिश है कि महिलाओं को दोष देना बंद कीजिए। 
उनकी Respect कीजिए ,अगर वो सच में इस समस्या से ग्रस्त है तो उन्हें हिम्मत दीजिए , उस समस्या को Face करने का.....क्योंकि आप ही उनकी आखिरी उम्मीद है। 

धन्यवाद

हम आपसे फिर मिलेंगें एक नए फ्रेश और आर्टिकल के साथ:-
 क्या है बांझपन के कारण - Top Reason of Infertility in Hindi :- आपको ये आर्टिकल कैसा लगा अपने विचार कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं। 

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1 Comments

  1. Natural male infertility supplement relieves symptoms and focuses the underlying causes of infertility.

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