कमर दर्द के कारण और इससे बचने के उपाय Measures to Avoid back pain

कमर दर्द के कारण और इससे बचने के उपाय Measures to Avoid back pain

कमर दर्द से बचने के उपाय Measures to Avoid back pain
आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में कमर दर्द आम बात हो गयी है आजकल हर कोई कमर दर्द के जूझ रहा है। कमर दर्द इस बात पर निर्भर करता है कि हमारी पीठ की हड्डियां, मासपेशियां और लिंगामेन्ट्स किस तरह काम करते है। और किस तरह एक-दूसरे से जुड़े होते है। हमारी पीठ में करीब 200 मसल्स होती है। जो सही पोस्चर बनाए रखने में सहायक होती है। कमर दर्द की मुख्य वजह रीढ़ की हड्डी से जुड़ा होता है। दरअसल हमारी रीढ़ की हड्डी में हर दो वर्टिब्रा के बीच में एक डिस्क होती है। जो किसी भी तरह का झटका सहने का काम करती है। आगे-पीछे, दाएं बाएं घूमने के दौरान डिस्क का फैलाव भी होता है। जिससे हम सही तरीके से मूवमेंट कर पाते है। लेकिन जब हमारा पोजीशन गलत होता है। यानी हम गलत तरीके से उठने-बैठने, पढ़ने झुकने या काम करने लगते है। तो डिस्क पर लगातार जोर पड़ने लगता है। इससे रीढ़ की हड्डी की नसों पर दबाव आने लगता है जो कमर दर्द का कारण बन जाता है।  



 #  कमर दर्द बिमारी का भी हो सकता है संकेत :-

कमर की मांसपेशियों में खिंचाव, अकड़न, चुभन, चलने, उठने बैठने में परेशानी और कमर के आसपास के अंगों में दर्द के साथ मांसपेशियों में ऐंठन जैसे लक्षण को हल्के में नहीं लेना चाहिए। कई बार कमर दर्द गंभीर बीमारियों का संकेत भी होता है। कमर दर्द की वजह से किडनी में समस्या या पथरी भी हो सकती है। नर्वस सिस्टम संबंधी परेशानियां और रीढ़ की हड्डी में होने वाले इन्फेक्शन से भी कमर दर्द की शिकायत रहती है। लगातार दर्द बने रहने पर चिकित्सक से सलाह जरूर लें। कुछ लोगों को सुबह-शाम कमर दर्द की शिकायत रहती है तो किसी को हमेशा दर्द रहता है। कई बार कमर दर्द के साथ एड़ियों और मांसपेशियों में सूजन की भी शिकायत होने लगती है। कई बार कमज़ोरी भी इसकी वजह होती है। हाइपरटेंशन और डायबिटीज के रोगियों में भी कमर दर्द की समस्या रहती है। 

 #  इन कामों को करने से बचना चाहिए :-

कमर दर्द से बचने के उपाय- Measures to Avoid back pain
 #  कंधे पर भारी बैग लटकाकर घूमने से भी कमर दर्द की समस्या बढ़ती है। बैग का वजन शरीर के वजन का 10 फीसदी से ज्यादा नहीं होना चाहिए। दरअसल इससे बॉडी खासकर स्पाइन का बैलेंस खराब होता है। 

 #  खड़े रहने के मुकाबले लगातार बैठे रहने से हमारी रीढ़ की हड्डी पर 50 फीसदी से ज्यादा दबाव पड़ता है। ऐसे में बीच में उठना और स्ट्रेच करना जरूरी होता है। इसके अलावा निचे से कोई भी चीज उठाने के लिए कमर मोड़ कर न झुकें बल्कि घुटने मोड़ें। इससे कमर पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ेगा। 

 #  पुराना गद्दा या मेट्रेस भी कमर में दर्द की एक वजह बन जाती है। मेट्रेस पुराना हो जाने पर कमर को पूरा स्पोर्ट नहीं मिल पाता है जिससे हमें कमर दर्द का सामना करना पड़ता है। 

 #  कैल्शियम की कमी और ज्यादा वजन भी कमर दर्द की एक वजह है। ऐसे में हाई कैलोरी और कम न्यूट्रिशन वाले खाने से बचना चाहिए। कैल्शियम का भरपूर सेवन करना चाहिए।  

 #  एक्सरसाइज नहीं करने से भी कमर की मसल्स कमज़ोर हो जाती है। कमर और पेट के निचले हिस्से को मजबूत बनाने के लिए नियमित तौर पर एक्सरसाइज करनी चाहिए। 

 #  ये है कमर दर्द के कारण :-

  • सुस्त जीवनशैली और अनियमित रूटीन। 
  • एक ही जगह पर बैठकर काम करना। 
  • गलत तरीके से बैठना, चलना या उठना। 
  • अचानक झुकना या वजन उठाना। 
  • झटका लगना। 
  • शारीरिक गतिविधियां नहीं होना। 
  • हड्डियों का कमज़ोर होना। 
  • डिस्क पर जोर पड़ना। 
  • फिसलना, गिरना या चोट लगना। 
  • विटामिन डी की कमी। 
  • अत्याधिक वजन ( मोटापा )होना। 

 #  ऐसे मिल सकती है कमर दर्द से राहत :-


 #  नियमित मसाज :-

मसाज से दर्द से राहत मिलने के साथ ही स्ट्रेस से भी छुटकारा मिलता है। बेहतर परिणाम के लिए डॉक्टर की सलाह पर किसी ऑइंटमेंट ( Ointment ) का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। 

 #  कपड़ों का सही चुनाव :-

कपड़ों का असर भी कमर पर पड़ता है। दरअसल कई बार स्किन टाइट जींस या अन्य कपड़े भी निचले कमर दर्द का कारण बन जाते है। ऐसे में फैशन से ज्यादा कम्फर्ट पर ध्यान देना चाहिए। 

 #  सोने का सही तरीका :-

कई बार सोने का तरीका न सही होने से भी कमर में दर्द होने लगता है। सोते समय कमर सीधी होनी चाहिए। करवट लेकर सोते वक़्त घुटनों के निचे तकिया लगाएं। और सिर के निचे ज्यादा मोटा तकिया न रखें या रखें ही मत। 

 #  योग करें :-

नियमित तौर पर योग या एक्सरसाइज करें। स्ट्रेचिंग, फ्लेक्सिबिलिटी और स्ट्रेंथ पर जोर देने से भी दर्द से राहत मिलती है और कमर दर्द की समस्या से दूरी भी बनी रहती है।


 #  बर्फ की टकोर ( सेक ):-

दिन में तीन या चार बार आइस का पैक लगाएं। इससे कमर दर्द से राहत  मिलने के साथ ही सूजन भी कम होती है। 

 #  हल्दी दूध का सेवन :-

कमर दर्द के अलावा शरीर के अन्य दर्द और जोड़ों के दर्द से भी हल्दी दूध राहत पहुंचाता है। 

 #  लहसुन :-

कमर दर्द में लहसुन लाभदायक होता है। अपने खाने में लहसुन का सेवन करें या कच्चा लहसुन खाएं। तेल में लहसुन मिलाकर भी मसाज किया जा सकता है। इसके लिए तेल को गर्म करें और उसमें दो-तीन लहसुन डालें और ठंडा करके तेल से मसाज करें।


नोट :- 10 प्रतिशत ( स्वंय से ) से ज्यादा वजन का बैग लंबे समय तक उठाना भी कमर दर्द की बीमारी दे सकता है।


 #  Conclusion :-

उठने, बैठने, झुकने का गलत तरीका और हमारी आरामदायक जीवनशैली इस समस्या ( कमर दर्द )की मुख्य वजह है। ऐसे में जरूरी है कि हम अपने पोस्चर ( आसन ) और शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी पर ध्यान दें। नहीं तो कमर दर्द कई बार चलने - फिरने तक में बाधा पहुंचा सकता है। अंत: अपनी जीवनशैली को सुधारिए और खासतौर से अपने पोस्चर पर ध्यान दीजिए। 

 #  Extra Tips :-


 #  आर्थराइटिस में बेकिंग सोडा दे सकता है राहत :-  

कमर दर्द से बचने के उपाय- Measures to Avoid back pain
रोजाना डाइट में बेकिंग सोडा की जरा सी खुराक ऑटोइम्यून डिजीज रूमेटाइड आर्थराइटिस की समस्या में राहत देती है। अमेरिका की अगस्टा यूनिवर्सिटी में हुए एक शोध में सामने आया है कि इस सोडा में मौजूद एंटाएसिड शरीर में एंटीइंफ्लेमेट्री डिजीज से लड़ता है। शोध के अनुसार स्वस्थ व्यक्ति को बेकिंग सोडा का सोल्युशन दिया जाता है तो पेट में अधिक एसिड का स्त्राव होता है जिससे खाना भी तेजी से डाइजेस्ट होता है। 

 #  पेस्टिसाइड से हार्मोन भी होते है प्रभावित :-

कमर दर्द से बचने के उपाय- Measures to Avoid back pain
पेस्टिसाइड में मौजूद केमिकल शरीर को कई तरह से नुक्सान पहुंचाते है लेकिन हाल ही में हुए शोध के अनुसार ये शरीर में बनने वाले  हार्मोन का संतुलन भी बिगाड़ते है। कनाडा के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंटिफिक रिसर्च में हुए शोध के अनुसार पेस्टीसाइड में मौजूद केमिकल नियोनिकोटिनॉड्स विशेषतौर पर एस्ट्रोजन हार्मोन के प्रोडक्शन को प्रभावित करता है। इसके अलावा यह जींस पर भी नकारात्मक प्रभाव छोड़ता है। 


 #  अपने बच्चों को खेलने दीजिए फुटबॉल :-  

कमर दर्द से बचने के उपाय- Measures to Avoid back pain
अगर आपका बच्चा फुटबॉल या दूसरी गेंद से खेलना कूदना पसंद करता है, तो उसे डांटने के बदले प्रोत्साहित करें। ब्रिटिश जर्नल ऑफ़ स्पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार फुटबॉल या गेंद से खेलने वाले व् फिजिकल एक्टिविटी में संलग्न रहने वाले बच्चों की बोन डेंसिटी, मसक्यूलर स्ट्रेंथ और बॉडी बैलेंसिंग पर पॉजिटिव इफेक्ट पड़ता है। करीब 300 स्कूली बच्चों पर यह अध्ययन कर नतीजे निकाले गए है। 

 #  सेनेटाइजर में होता है खतरनाक रसायन :-

कमर दर्द से बचने के उपाय- Measures to Avoid back pain
सेनेटाइजर अब लोगों के पर्स का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। कहीं भी छुआ, कुछ पकड़ा या खाया, तो तुरंत सेनेटाइजर से हाथ मलते है। अमरीकी शोध के अनुसार इसमें ट्राइक्लोसान नाम का एक रसायन पाया जाता है। जिसे हाथ की त्वचा तुरंत सोख लेती है। यह तत्व रक्त संचार में शामिल हो जाए तो यह मांसपेशी कोर्डिनेशन के लिए जरूरी कोशिका संचार को बाधित कर देता है। 



Last words:-

दोस्तों कमर दर्द से बचने के उपाय- Measures to Avoid back pain
( kamar Dard se bachne ke Best Upay ) का
 ये लेख आपको कैसा लगा अपने विचार अवश्य बताएं। हम मिलेंगें आपसे फिर एक 
नए लेख के साथ तब के लिए खुश रहिए और स्वस्थ रहिए। 
धन्यवाद।  

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