पैनिक अटैक क्या,लक्षण और इससे कैसे सावधान रहें। Panic attack se kaise bache

पैनिक अटैक क्या,लक्षण और इससे कैसे सावधान रहें। 

Panic attack se kaise bache
आजकल की बिगड़ी हुई जीवनशैली के चलते हमारे शरीर को चारों तरफ से बीमारियों ने घेर रखा है। किसी को डायबिटीज है तो किसी को उच्च रक्तचाप, सिरदर्द, माइग्रेन, शारीरिक कमज़ोरी, चक्कर आना, मिर्गी, मोटापा बढ़ना,हार्ट स्ट्रोक आदि ऐसी बहुत सी बीमारियां है जिन्होंने आज के समय में लोगों को घेर रखा है। इन सब के चलते पैनिक अटैक घात ) भी आजकल आम बात हो गई है। 

पैनिक अटैक ( Panic Attack ) के ऐसे बहुत से मामले सामने आए है जिनमें पाया गया है कि पैनिक अटैक के समय पीड़ित को कुछ भी समझ नहीं आता और वह घबरा जाता है। और उसके आस-पास वाले लोग भी उस पीड़ित को होने वाले पैनिक अटैक को हृदय घात या मिर्गी के दौरे से जोड़ देते है। और पीड़ित तो यह सुनकर ही हिम्मत हार जाता है। 

और ये तो हम सभी जानते है कि जिसके पास हौसला है वही इस जीवन में सर्वाइव कर पाता है। इसलिए हौसला ( हिम्मत )सबसे बड़ी सफलता है चलिए जान लेते है पैनिक अटैक क्या,लक्षण और इससे कैसे सावधान रहें इस लेख के द्वारा :-

 Panic Attack ke Lakshan kya hai ?

  1. सीने में दर्द या बेचैनी होना :- ज्यादातर मामलों में यह बात सामने आया है कि हार्ट अटैक या पैनिक अटैक ( Panic Attack ) जब होता है तो पीड़ित के सीने में दर्द या बेचैनी होने लगती है। 
  2. कंपकपी होना :- अचानक पुरे शरीर में एक सिहरन की दौड़ने लग जाना। या कंपकपी होने के साथ पुरे शरीर पर पसीना आ जाना। 
  3. पेट खराब होना :- पीड़ित का अचानक पेट खराब हो जाता है या उसे उल्टियां होने लगती है।  
  4. संतुलन बिगड़ जाना :- पीड़ित व्यक्ति अचानक अपने आपको संभाल नहीं पाता और उसे चक्कर आने लगते है या पीड़ित बेहोश हो जाता है। 
  5. हृदय गति का असमान्य हो जाना :- पीड़ित की हृदय गति सामान्य से बहुत तेज़ हो जाती है। और ऐसी स्तिथि में वह अपना हाथ अपने सीने पर रख लेता है और उसे तेज़ दर्द भी होने लगता है। 
  6. तनाव / स्ट्रेस :- तनाव भी पैनिक अटैक ( Panic Attack ) के मुख्य कारणों में से एक है। इसलिए तनाव नहीं लेना चाहिए। 
  7.  गर्मी के मौसम भी ठंड लगना। 
  8.  दोस्तों अगर :- किसी व्यक्ति के शरीर में ऐसे असामान्य लक्षण दिखने लगें तो समझ जाइए वह पैनिक अटैक है। ये कुछ ऐसी जानलेवा परिस्थितियां होती है कि हम चाह कर भी इनसे दूर नहीं भाग सकते हैं। 

⇨ Panic Attack ke karan kya Hai :-

वैसे से तो पैनिक अटैक ( Panic Attack ) के बहुत से कारण क्योंकि इसका गहरा संबंध हमारे लाइफस्टाइल, भावनाओं या हम जो भी काम करते है उससे है।

पैनिक अटैक आने का कोई निश्चित समय नहीं होता है यह उस मुसाफिर कि तरह है जो आज अगर आपके दरवाजे पर है तो कल किसी और के दरवाजे पर दस्तक देगा। यह आपको तब भी आ सकता है जब आप नींद में सो रहें हो।

 इसका सीधा संबंध हमारे जीवन में होने वाले बदलावों से भी है। जैसे नौजवानों में किसी कारण से जीवनशैली में बदलाव आना, डाइवोर्स हो जाना, नौकरी छूट जाने का डर या नौकरी से निकाल दिया जाना, 


अधिक तनाव में रहना, किसी सगे संबंधी या ख़ास की मृत्यु हो जाना, काफी समय से किसी बड़ी बिमारी से ग्रसित होना या ब्रेकअप होने के बाद भी पैनिक अटैक ( Panic Attack ) हो सकता है।

 बिज़नेस में लॉस हो जाना या कोई बुरा हादसा भी पैनिक अटैक ( Panic Attack ) का कारण हो सकता है। मतलब जो बातें हमारे दिमाग या दिल में घर कर जाती है उनकी वजह से हम कभी न कभी पैनिक अटैक के शिकार हो सकते है। 


⇨ Panic Attack ka jyada effect kin par hota hai :-

  • पैनिक अटैक ( Panic Attack ) वैसे तो हर किसी पर भी हावी हो सकता है लेकिन अधिकतर मामले युवा या 40 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों में देखने को मिलते है। खासकर जो लोग अधिक तनाव लेते है और जिम्मेदारियों का बोझ अपने सिर पर लेकर चलते है। 
  •  अधिक उम्र के लोगों में पैनिक अटैक ( Panic Attack ) का कारण उनके बिते हुए जीवन में हुई किसी न किसी घटना या बिमारी की वजह से होता है, ये डायबिटीज, अस्थमा, या उच्च रक्तचाप भी हो सकता है। 
  • ऐसे लोग जिनकी जॉब बड़ी मुश्किल से लगी हो या जिनकी जॉब जाने वाली हो ऐसे लोग पैनिक अटैक से ज्यादा प्रभावित होते है। छात्रों को भी परीक्षा या रिजल्ट के दौरान ऐसे अटैक आते है। 
  • कई बार लिफ्ट बंद हो जाने या कोई अपराध में फंस जाने पर भी ऐसा हो सकता है। या भीड़भाड़ वाले इलाके में अनहोनी घटना को देख कर भी पैनिक अटैक ( Panic Attack ) हो सकता है। महिलाओं में पैनिक अटैक ( Panic Attack ) पुरुषों के मुकाबले अधिक देखने को मिलते है। क्योंकि महिलाऐं लंबे समय तक तनाव ग्रस्त रहती है। इसीलिए उनमें पैनिक अटैक ( Panic Attack ) की आशंका बढ़ जाती है।  

⇨ Panic Attack se kinhe khatra hai :-

जो व्यक्ति डायबिटीज ( मधुमेह ) और बीपी ( उच्च रक्तचाप, अल्प रक्तचाप ) से ग्रसित है। उन्हें पैनिक अटैक पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। डायबिटीज के मरीज़ का शुगर लेवल अचानक गिर जाता है। जिसके कारण उसे हड़बड़ाहट / घबराहट होने लगती है और वह पैनिक अटैक का शिकार हो जाता है। 

ऐसे लोगों को ज्यादा भूखा नहीं रहना चाहिए। डायबिटीज, बीपी, दिल के मरीज़, थायरॉयड और अस्थमा के मरीज़ों के लिए इस तरह का अटैक एक गंभीर संकेत है।

बीपी मरीज़ को उच्च रक्तचाप हो या अल्प रक्तचाप दोनों ही परिस्थितियों में सतर्क रहना चाहिए। अस्थमा के मरीज़ों में पैनिक अटैक के दौरान सांस रुकने जैसे लक्षण सामने आते है, या पीड़ित को लगता है कि अब तो गए , अब नहीं बचेंगें। आपके व्यवहार में पैनिक अटैक की वजह से बदलाव आने लगें, जैसे कि पीड़ित को जिस स्थान पर पहले अटैक आया था वह वहां जाने से डरने लगे। 
अगर ऊपर बताई गई किसी भी समस्या से संबंधित लक्षण आपको पीड़ित में नजर आते है तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं और परामर्श लें।  

Panic Attack ka ilaj kya Hai ?

पैनिक अटैक का असर शरीर पर गहरा भी हो सकता है इसलिए सतर्क रहें और सावधानी बरतें। वैसे तो पैनिक अटैक लगभग 20 से 30 मिनट का होता है लेकिन डर की वजह से अगले पैनिक अटैक का कारण भी यही बनता है अक्सर देखा गया है कि जहाँ अटैक आता है लोग वहां जाने से ही घबराते है। और सबसे बड़ी बात हौसला बुलंद रखें। हिम्मत से हर बिमारी को जीता जा सकता है। 


 Panic Attack Emergency mein kya kare ?

अगर पीड़ित की हालत में 10  15 के अंदर सुधार नहीं दिखता है तो तुरंत ही मरीज़ को चिकित्सक के पास ले जाएं। या घर के आस-पास या अगर जर्नल फिजीशियन है तो पीड़ित को वहां ले जाएं। उसे खुली और हवादार जगह में लिटाएं और उसे बिलकुल लूज़ ( ढीले ) कपड़े पहनाएं। पीड़ित को हौसला देते रहे कि वो जल्द ही ठीक हो जाएगा। और उसे कहें शांत रहने की कोशिश करे। 


⇨ Conclusion :-

आजकल के खानपान और लाइफस्टाइल को देखकर पैनिक अटैक होना कोई बड़ी बात नहीं है हमारा खाना ही ऐसी कीटनाशक दवाओं से तैयार होता है जो हमारे शरीर को क्षतिग्रस्त कर रही है। और जंक फ़ूड का तो मानो ट्रेंड ही चल गया है ज्यादातर बीमारियों को जन्म तो जंक फ़ूड ही दे देता है जैसे कि मोटापा, और फिर उस मोटापा की वजह से डायबिटीज, हाई एंड लॉ ब्लड प्रेशर, हार्ट स्ट्रोक ऐसी बहुत सी बीमारियां है जिनकी वजह जंक फ़ूड बनता है। या कोई चिंता होना, बिज़नेस के बारे में अधिक तनाव लेना वगैरह-वगैरह ऐसे बहुत से कारण है जो अचानक से हो जाएं या फिर कोई बिमारी जो बहुत समय से हो पैनिक अटैक का कारण बनती है। अंत: हम आपको यही टिप देना चाहेंगें कि ऐसी स्थिति में हौसला बुलंद रखें और डॉक्टर से सलाह मशविरा लें।आपको जरूर सफलता मिलेगी। 


⇨ Extra Tips :-


⇨ आर्थराइटिस से बचना है तो सेवन कीजिए मूसली :-

Arthritis
नियमित तौर पर मूसली खाने से शरीर में जोड़ों और जकड़न की समस्या यानी आर्थराइटिस से राहत मिलती है। जर्नल कम्युनिकेशन में प्रकाशित शोध के अनुसार, सुबह के नाश्ते में मूसली, सब्ज़ियां या फल शामिल किए जाएं तो हड्डियों को मजबूती मिलती है। शोध में सामने आया है कि फाइबर युक्त डाइट क्रॉनिक इंफ्लेमेट्री डिजीज का असर कम करने में कारगर है। ऐसे खानपान से शरीर को फायदा पहुंचाने वाले बैक्टीरिया की संख्या में बढ़ोतरी होती है।   

⇨ प्रेग्नेंसी में बच्चे पर पैरासिटामॉल का पड़ता है असर :-

 Panic attack se kaise bache
गर्भवस्था के दौरान बुखार और दर्द की स्थिति में पैरासिटामॉल सॉल्ट वाली दवा लेने से बच्चे को भाषा सीखने सम्बंधी दिक़्क़तों का सामना करना पड़ सकता है। जर्नल यूरोपियन साइकियाट्री में प्रकाशित शोध के अनुसार यह बदलाव लड़कियों में अधिक देखने को मिलते है। 754 महिलाओं पर हुए शोध में प्रेग्नेंसी के 13वें हफ्ते से डिलीवरी तक के बदलाव शामिल किए गए। शोधकर्ताओं ने इस दौरान पेनकिलर्स से परहेज की सलाह दी है। 

⇨ Last Words :-

दोस्तों आप भी पैनिक अटैक से सतर्क रहें 
और जितना हो सके हेल्दी डाइट का सेवन करें। 
और हाँ अगर आपको ये पैनिक अटैक क्या,लक्षण 
और इससे कैसे सावधान रहें। ( panic attack se kaise bache )
आर्टिकल अच्छा लगा तो प्लीज कमेंट और शेयर जरूर करें। 
धन्यवाद।  

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