विटामिन डी की कमी के कारण,लक्षण और उपाय इन हिंदी। Vitamin D ki kami, lakshan aur upay in hindi.

विटामिन डी की कमी के कारण,लक्षण और उपाय

विटामिन डी की कमी के कारण,लक्षण और उपाय इन हिंदी। Vitamin D ki kami, lakshan aur upay in hindi.
अगर आपको थकान महसूस होती है, आलस महसूस होता है और हड्डियों व मांसपेशियों में दर्द रहता है तो इसका मतलब आपको विटामिन-डी (vitamin-d) की कमी हो सकती है। विटामिन-डी को सन शाइन विटामिन के बारे में  भी जाना जाता है। Vitamin-D fat-soluble प्रो-हार्मोन का एक समूह होता है जो शरीर को कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फॉस्फेट और ज़िंक को एब्जोर्ब करने में मदद करता है। विटामिन-डी नसों और मांसपेशियों के लिए जरूरी है। अन्य विटामिनों के विपरीत, विटामिन-डी हार्मोन की तरह काम करता है।

 #  विटामिन-डी क्या है :-

विटामिन-डी दो प्रकार के होते है। दोनों में से कुछ आहार से मिलता है। केवल विटामिन Dx सूरज की किरणों से त्वचा में बनता है। विटामिन-डी मुख्यत: कैल्शियम और फॉस्फेट का अवशोषण भी करता है। अगर आप एक गिलास दूध ये सोच कर पीते है कि आपको कैल्शियम मिल गया है तो आप गलत सोच रहे है। विटामिन-डी आपको नहीं मिलेगा जब तक कैल्शियम का अवशोषण नहीं होगा।

 #  विटामिन-डी की कमी होने का कारण :-

पहले की तुलना में आजकल के लोग सुबह की धूप और ताज़ी हवा का कम ही आनंद उठा पाते है। ज्यादातर लोगों को एयर कंडीशनर में ही रहना पसंद है। विटामिन डी का मैन साधन सूर्य(सूरज) है। और सूरज की किरणें स्किन के संपर्क में आकर ही विटामिन-डी बनाती है। जब हम घर से बाहर नहीं निकलते तो सूर्य की किरणें विटामिन-डी नहीं बना पाती है। आजकल तो लोग कसरत भी एयर कंडीशनर में रहकर करना पसंद करते है इसका सीधा सा मतलब है कि आपमें आगे चलकर विटामिन-डी की कमी हो सकती है।

 #  विटामिन-डी की कमी के लक्षण इन हिंदी :- 

विटामिन-डी की कमी बहुत आम है यह अनुमान लगाया गया कि दुनिया में लगभग 1 बिलियन लोगों के शरीर में विटामिन-डी कम स्तर में पाया जाता है। 2011 के एक सर्वे के अनुसार 41.6 वयस्कों में विटामिन-डी का कम स्तर पाया गया है।  विटामिन-डी की कमी के 6 लक्षण और संकेत अग्रलिखित है :-

 # 1 अपने आपको बीमार या संक्रमित समझना :- 

विटामिन-डी के स्तर को बेहतर बनाए रखने के लिए आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली अहम भूमिका निभाती है। ताकि आपका शरीर बीमारी का कारण बनने वाले वायरस और बैक्टीरिया से लड़ सके। यह सीधे उन कोशिकाओं से सम्पर्क करती है जो संक्रमण से लड़ने के लिए जिम्मेदार है। यदि आप अक्सर बीमार हो जाते है खाना-पीना आपको बीमार कर देता है आपको सर्दी या फ्लू हो जाता है तो इसका कारण आपके शरीर में विटामिन-डी कम स्तर हो सकता है।

 # 2 अपने आपको थका हुआ और कमजोर समझना :-

थकान और कमज़ोरी महसूस होने के कई कारण हो सकते है लेकिन उन कारणों में से विटामिन-डी की कमी भी एक मुख्य कारण है। और हम अक्सर इसे नजर अंदाज कर देते है। कई अध्ययन बताते है कि रक्त का कम स्तर थकान व कमज़ोरी का कारण बनता है जिसका हमारी जीवनशैली पर बेहद नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। एक रिपोर्ट के मुताबिक एक महिला को बहुत दिनों से थकान और सिरदर्द की समस्या हो रही थी जब उसकी रिपोर्ट के आंकड़ें सामने आए तो उसमें विटामिन-डी का स्तर 5.9 NG /ML पाया गया था  और यह बहुत ही कम था। क्योंकि 20 Ng /ML के तहत कुछ भी कम माना जाता है। और जब महिला ने विटामिन-डी सप्लीमेंट लिया तो उसका स्तर 39 NG /ML तक बढ़ गया और उसके लक्षणों में सुधार आ गया। अत्याधिक थकान और थकावट विटामिन-डी का संकेत हो सकता है इसलिए सप्लीमेंट्स लेना विटामिन-डी की कमी के स्तर में सुधार करने में मदद कर सकता है।

 # 3 हड्डी या पीठदर्द :-

विटामिन-डी कई तरीकों से हड्डी के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है यह आपके शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में सुधार करता है। हड्डी का दर्द और पीठ के निचले हिस्से में दर्द, रक्त में विटामिन-डी के अपर्याप्त स्तर का संकेत हो सकता है। एक अध्ययन के मुताबिक लगभग 9000 के करीब महिलाओं में विटामिन-डी के स्तर और पीठ दर्द के बीच संबंध की जांच की, तो शोधकर्ताओं ने पाया की विटामिन-डी की कम स्तर वाली महिलाओं में पीठ दर्द की संभावना अधिक थी। जिनमें गंभीर पीठ दर्द शामिल था। यह आंकड़ें उनकी दैनिक गतिविधियों को मद्देनजर रखकर लिए गए थे। एक अध्ययन में, सामान्य श्रेणी (18) में रक्त स्तर वाले लोगों की तुलना में विटामिन डी की कमी वाले लोगों को उनके पैरों, पसलियों या जोड़ों में हड्डी के दर्द का अनुभव करने की संभावना लगभग दोगुना होती है।

 # 4 तनाव या उदासी से घिरे होना :-

विटामिन डी की कमी के कारण,लक्षण और उपाय इन हिंदी। Vitamin D ki kami, lakshan aur upay in hindi.
जिन लोगों में विटामिन-डी की कमी होती है उनमें स्वस्थ लोगों के अपेक्षा अवसादग्रस्त होने की आशंका 11 गुना तक ज्यादा होती है। अगर आप डिप्रेस्ड है तो हो सकता है आपके अंदर विटामिन-डी की कमी हो। और अगर आपके चेहरे पर हर समय तनाव या उदासी छाई रहती तो यह भी एक विटामिन-डी की कमी का संकेत हो सकता है। एक अध्ययन के मुताबिक शोधकर्ताओं ने अवसाद(Depression), तनाव, उदासी का कारण शरीर में कम रक्त स्तर को माना है। कमज़ोर लोगों को विटामिन-डी देना अवसाद, उदासी में सुधार करने में मदद करता है। जिसमें ठंड के महीनों में होने वाला मौसमी अवसाद भी शामिल है। इसलिए अवसाद या तनाव कम विटामिन-डी के स्तर से जुड़ा हुआ है।

 # 5 घाव उपचार :-

सर्जरी या कोई चोट के बाद घाव का बहुत धीमी गति से भरना भी विटामिन-डी की कमी का संकेत हो सकता है। परीक्षण ट्यूब अध्ययन के नतीजे बताते है कि विटामिन यौगिकों के उत्पादन को बढ़ाता है। जो घाव-उपचार प्रक्रिया के हिस्से के रूप में नई त्वचा बनाने के लिए महत्वपूर्ण है। एक विश्लेषण में मधुमेह पैर संक्रमण वाले रोगियों को देखा और पाया गया कि ज्यादा विटामिन-डी की कमी वाले लोगों में सूजन के ज्यादा होने की संभावना अधिक थी जो उपचार को खतरे में डाल सकती थी। दुर्भाग्य से, इस बिंदु पर कमी वाले लोगों में घाव भरने पर विटामिन डी की खुराक के प्रभावों के बारे में बहुत कम शोध है।हालांकि, एक अध्ययन में पाया गया कि जब विटामिन डी की कमी वाले पैर अल्सर वाले रोगियों को विटामिन के साथ इलाज किया गया था, तो अल्सर का आकार औसतन 28% कम हो गया था। सर्जरी, चोट या संक्रमण के बाद विटामिन-डी की कमी से घाव का जल्दी न भरना एवं घाव खराब हो जाना आदि संकेत सामने आ सकते है।

 # 6 सिर से पसीना आना :-

बाकी शरीर की तुलना में सिर से अधिक पसीना आना भी विटामिन-डी का संकेत हो सकता है। बार-बार इन्फेक्शन भी विटामिन-डी की कमी की और इशारा करता है। सांस लेने से संबंधित समस्या भी विटामिन-डी की कमी का लक्षण हो सकता है। 

 #  विटामिन-डी की कमी कैसे पूरी करें :- 

विटामिन-डी प्राप्त करने का सबसे अच्छा प्राकृतिक स्त्रोत सूरज की धूप के अलावा कोई नहीं है। इसके अलावा भी आप अगर चाहे तो वसायुक्त मछली (सैल्मन या ट्यूना) जैसे कुछ खाद्य पदार्थ है जो विटामिन-डी के अच्छे स्त्रोत है। इसके अतरिक्त विटामिन-डी पनीर और अंडे में भी पाया जाता है। जिन लोगों में विटामिन-डी की कमी होती है। उन्हें कुछ हफ्तों में एक बार कॉलेकैल्सिफिरॉल की खुराक की राय दी जाती है ( दरअसल कॉलेकैल्सिफिरॉल विटामिन-डी 3 है जिसका सेवन विटामिन-डी की कमी और इसके स्तर को सामान्य बनाए रखने के लिए किया जाता है। विटामिन-डी की कमी से हुई परेशानियां इसके सेवन दूर हो जाती है।कॉलेकैल्सिफिरॉल विटामिन-डी का एक रूप है जो आसानी से शरीर द्वारा अवशोषित किया जाता है। किसी भी विटामिन की कमी को पूरा करने के लिए चिकित्सक से परामर्श अवश्य लेना चाहिए। शाकाहारी लोग विटामिन-डी कैसे प्राप्त करें, इनके लिए सबसे अच्छे स्त्रोत मशरूम, दूध, सोया मिल्क, ब्रॉक्ली, गाजर, संतरे का जूस और आम आदि इनका सेवन करना चाहिए।

 #  विटामिन-डी के फायदे क्या-क्या है :-   


  • विटामिन-डी :- हड्डियों को मजबूती देता है। 
  • कैल्शियम :- कैल्शियम फॉस्फेट का अवशोषण करता है और इससे शरीर में फुर्ती रहती है। 
  • वजन :- यदि आप वजन कम करना और हृदय रोगों से बचना चाहते है तो अपनी आहार में विटामिन-डी की खुराक जोड़ने की सोचें। अगर आप चाहें तो  Amazon.com पर भी विटामिन-डी के स्त्रोत खोज सकते है। एक अध्ययन में कैल्शियम और विटामिन-डी का सप्लीमेंट लेने वाले लोग प्लेसबो सप्लीमेंट लेने वाले लोगों की तुलना में अधिक वजन कम करने में सक्षम थे। 
  • गर्भावस्था में स्त्री को विटामिन-डी भरपूर लेना चाहिए, इससे शिशु को सांस लेने में दिक्कत नहीं होगी और हड्डियां मजबूत होंगी। 
  • तनाव / अवसाद :- शोध से पता चला है कि विटामिन डी, मनोदशा को नियंत्रित करने और अवसाद से बचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। एक अध्ययन में, वैज्ञानिकों ने पाया कि विटामिन डी की खुराक लेने वाले लोगों ने अवसाद के लक्षणों में सुधार पाया है। फाइब्रोमाल्जिया वाले लोगों के एक और अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने पाया कि विटामिन डी की कमी उन लोगों में अधिक आम थी जो चिंता और अवसाद(तनाव) का सामना कर रहे थे।

 #  विटामिन-डी के खाद्य स्त्रोत :-


कुछ खाद्य पदार्थों में स्वाभाविक रूप से विटामिन डी होता है। इस वजह से, कुछ खाद्य पदार्थों में ADD किया जाता है। इसका मतलब है कि विटामिन डी जोड़ा गया है। खाद्य पदार्थ जिनमें विटामिन डी शामिल होता है :-
  • सैल्मन 
  • अंडे की जर्दी
  • झींगा
  • दूध 
  • आनाज 
  • दही 
  • नारंगी का जूस 
सूर्य के संपर्क और अकेले भोजन के माध्यम से प्रत्येक दिन पर्याप्त विटामिन-डी प्राप्त करना मुश्किल हो सकता है, इसलिए विटामिन डी की खुराक लेने से मदद मिल सकती है।

 #  विटामिन-डी कितना चाहिए :-

स्वस्थ कार्य(Functioning) करने के लिए आवश्यक विटामिन डी की मात्रा पर कुछ विवाद रहा है। हालिया शोध से संकेत मिलता है कि आपको एक बार सोचा जाने की तुलना में अधिक विटामिन डी की आवश्यकता है। सामान्य रक्त सीरम का स्तर प्रति Deciliter 50 से 100 माइक्रोग्राम से होता है। आपके रक्त स्तर के आधार पर, आपको अधिक विटामिन डी की आवश्यकता हो सकती है। खाद्य और कृषि विज्ञान संस्थान प्रति दिन अंतरराष्ट्रीय इकाइयों (आईयू) के आधार पर नई सिफारिशों की रिपोर्ट करता है। आईयू( IU ) दवाओं और विटामिन के लिए एक मानक प्रकार के माप हैं। आईयू विशेषज्ञों को प्रत्येक व्यक्ति के लिए अनुशंसित खुराक, विषाक्तता और कमी के स्तर निर्धारित करने में मदद करते हैं। एक आईयू प्रत्येक प्रकार के विटामिन के लिए समान नहीं है। एक आईयू यह निर्धारित करता है कि आपके शरीर में कितना पदार्थ प्रभाव डालता है। विटामिन डी के लिए अनुशंसित आईयू हैं :-
  • बच्चे और किशोर: 600 IU 
  • उम्र 70 :- 600 IU तक वयस्क
  • उम्र 70 :- से अधिक वयस्क: 800 IU
  • गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं :- 600 IU

 #  विटामिन-डी की मात्रा ज्यादा भी न हो :-

आप विटामिन-डी से समृद्ध आहार लेकर और पर्याप्त मात्रा में सूर्य के प्रकाश के संपर्क में रहकर विटामिन-डी की कमी से बच सकते है। विटामिन-डी हमारे लिए उपयोगी है पर इसका अधिक सेवन हमारे लिए हानिकारक भी हो सकता है। इसके अधिक सेवन से कैल्सियम की मात्रा अधिक हो जाएगी जिससे भूख की कमी, बार-बार पेशाब आना और हार्ट अटैक का खतरा रहता है।

 #  Conclusion :-

 ऊपर आपने देखा कि विटामिन-डी क्या है इसकी कमी, लक्षण और इसे रिकवर कैसे किया जा सकता है अगर आपको थकान, अवसाद, जोड़ों के दर्द, सिरदर्द या फिर कोई भी समस्या हो। आप सबसे पहले डॉक्टर से Checkup करवाएं। क्योंकि एक छोटी सी बीमारी भी बड़ा रूप लेने में समय नहीं लेती है। इसलिए हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि 5  6 माह के अंदर अपना हेल्थ चेकअप करवाते रहें। ताकि आप और आ[का परिवार हसीं-ख़ुशी जीवन व्यतीत कर सकें।


 #  Read Also :-



 #  Extra Tips :-

चलिए विटामिन-डी के इस आर्टिकल के
 साथ कुछ और टिप्स भी जान लें। 

 # 1 आँखों के लिए अच्छे है अंडे :-

विटामिन डी की कमी के कारण,लक्षण और उपाय इन हिंदी। Vitamin D ki kami, lakshan aur upay in hindi.
अक्सर स्वास्थ्य एक्सपर्ट आँखों की रौशनी बढ़ाने के लिए गाजर की सलाह देते रहे है। लेकिन अब कुछ सेहत विषेशज्ञों ने बताया है कि अंडे का सेवन आँखों के लिए और भी अच्छा है। अंडों में मौजूद ल्यूटीन, विटामिन-ई और ओमेगा-3 जैसे न्यूट्रिएंट आँखों के लिए काफी फायदेमंद होते है और ये उम्र बढ़ने पर होने वाले नेत्र रोगों जैसे मैकुलर डिजनरेशन, मोतियाबिंद या अन्य क्रॉनिक बिमारियों से काफी हद तक हमें सुरक्षा प्रदान करते है।  

 # 2 केला बचाएगा हार्ट अटैक से :-

विटामिन डी की कमी के कारण,लक्षण और उपाय इन हिंदी। Vitamin D ki kami, lakshan aur upay in hindi.
हाल ही में हुई एक रिसर्च में सामने आया है कि रोजाना एक केला या अमरुद खाना हार्ट अटैक का खतरा घटाता है। अलाबामा यूनिवर्सिटी में हुए शोध में सामने आया कि पोटेशियम हार्ट में होने वाली नसों को ब्लॉक होने से बचाता है। यह तत्व नसों को लचीला बनाए रखता है। यह शोध चूहों पर किया गया। आमतौर पर हार्ट अटैक का प्रमुख कारण नसों का सख्त होना है इसलिए पोटेशियम युक्त केला खाना चाहिए।  



 #  Final Words :- 


तो फ्रेंड्स ये था आज का आर्टिकल 
( विटामिन डी की कमी के कारण,लक्षण और उपाय इन हिंदी )
Vitamin D ki kami lakshan aur upay in hindi )
Vitamin-D से संबंधित। 
 हमें उम्मीद है कि आपको आर्टिकल अच्छा लगा होगा। 
अगर हाँ तो कृपया शेयर कीजिए कमेंट कीजिए और सब्सक्राइब कीजिए। 
धन्यवाद। 

Post a Comment

0 Comments

All Rights Reserved - Hashwh.com - 2018