Cancer क्या है कारण, लक्षण और उपचार - What is Cancer, Causes, Symptoms and Treatment in hindi.

आज इस Article में हम Cancer क्या है कारण, लक्षण और उपचार - What is Cancer, Symptoms, Causes and Treatment के बारे में विस्तार से जानेगें क्योंकि कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसे सबसे घातक माना जाता है। इसमें होता क्या है कि जब शरीर में असामान्य कोशिकाएं तेजी से विभाजित होती हैं, और अन्य ऊतकों और अंगों में फैलती हैं। तो कैंसर जन्म लेता है। कैंसर दुनिया में मौत के प्रमुख कारणों में से एक है। एक स्वस्थ शरीर में बहुसंख्यक कोशिकाएं इसे बढ़ने और विभाजित करने के लिए सक्षम बनाती हैं, क्योंकि शरीर को उनकी रोज़ाना काम करने की आवश्यकता होती है। 
 What is Cancer, Symptoms, Causes and Treatment in hindi
स्वस्थ कोशिकाओं में एक विशिष्ट जीवन चक्र होता है, जिससे कोशिका के प्रकार द्वारा निर्धारित तरीके से पुन: उत्पन्न होती है और मर जाती है। नई कोशिकाएं मरने के बाद पुरानी या क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की जगह ले लेती हैं। कैंसर इस प्रक्रिया को बाधित करता है और कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि करता है। यह डीएनए में परिवर्तन या उत्परिवर्तन के कारण होता है।

Table of Content :-
  1. Cancer का कारण क्या है - What is the cause of cancer in hindi. 
  2. Cancer के लक्षण क्या है - What is the symptoms of cancer in hindi.
  3. Cancer से कैसे बचें - How to avoid cancer in hindi.
  4. Cancer का इलाज़ और परेशानियां- Cancer treatments and problems in hindi.
  5. Cancer कितने प्रकार का होता है - Types of cancer in hindi.
  6. Cancer से बचने के Tips - Tips to Avoid Cancer in hindi.
  7. Cancer के आयुर्वेदिक उपचार - Ayurvedic treatment of cancer in hindi.
  8. कैंसर के लिए क्या करे - What to do for cancer in hindi.
  9. Conclusion. 

 #  Cancer का कारण क्या है ?

डीएनए प्रत्येक कोशिका के व्यक्तिगत जीन में मौजूद है। इसमें निर्देश होते हैं जो कोशिका को बताते हैं कि क्या काम करना हैं, कैसे बढ़ते हैं और विभाजित होते हैं। उत्परिवर्तन अक्सर डीएनए में होते हैं, लेकिन आमतौर पर कोशिकाएं इन गलतियों को सही करती हैं। जब कोई गलती ठीक नहीं होती है, तो एक कोशिका कैंसर में बदल सकती है।

उत्परिवर्तन कोशिकाओं का कारण बन सकते हैं जिन्हें मरने के बजाय जीवित रहने के लिए प्रतिस्थापित किया जाना चाहिए, और नई कोशिकाएं जब उनकी आवश्यकता नहीं होती है। ये अतिरिक्त कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से विभाजित हो सकती हैं, जिससे ट्यूमर को बनाने के लिए विकास होता है। ट्यूमर शरीर में जहां कहीं बढ़ते हैं, इस पर निर्भर करते हुए विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

लेकिन सभी ट्यूमर कैंसर नहीं होते हैं। बेनिन ट्यूमर गैरकैंसर हैं और आस-पास के ऊतकों में नहीं फैलते हैं। कभी-कभी, जब वे पास के अंगों और ऊतकों के खिलाफ  होते हैं तो वे बड़े हो सकते हैं और समस्याएं पैदा कर सकते हैं। घातक ट्यूमर कैंसर होते हैं और शरीर के विभिन्न हिस्सों पर आक्रमण कर सकते हैं।

 #  Cancer के लक्षण क्या है ?

Cancer नाम आते ही अच्छे-अच्छों के पसीने छूट जाते हैं क्योंकि हृदय की बीमारी के बाद Cancer ही है जो दुनिया भर में मौत का सबसे बड़ा कारण होता है। यदि Cancer के लक्षणों का पता शुरुआत में चल जाए तो कैंसर का इलाज आसान होता है लेकिन अकसर Cancer शुरुआत में कोई लक्षण नहीं दिखाता और यही कारण है की Cancer का समय पर आपको पता नहीं चल पाता। और यदि आपके परिवार में Cancer की History रही हैं मतलब पहले कोई कैंसर से ग्रस्त रह चुका है तो आपको समय-समय पर अपने शरीर की जांच करवाते रहना चाहिए और ऐसे कारणों से बचना चाहिए जो Cancer के लिए जिम्मेदार माने जाता हैं। Cancer से बचाव और इलाज की सफलता इस बात पर निर्भर करती है की आप कितनी जल्दी कैंसर की गांठ होने की पहचान कर लेते हैं और ऐसा आप Cancer के लक्षणों के आधार पर ही कर सकते हैं।

  • Cancer किस प्रकार लक्षण दिखता है ? Cancer वैसे तो कोई लक्षण नहीं दिखाता लेकिन ज्यादातर लोगों में Cancer के लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं की Cancer की गांठ कहाँ है, कितनी बड़ी है और उसने उत्तकों और अंगों को कितना प्रभावित किया है जैसे Cancer की गांठ अगर मस्तिष्क (Brain) में हो तो वो अपने लक्षण जल्दी दिखा देती हैं। इसी प्रकार कुछ Cancer में गांठ बड़ी होने तक आपको पता नहीं चलता जैसे की पित्त का Cancer होने पर पीड़ित में कोई लक्षण देखने को नहीं मिलते, लेकिन बाद में गांठ बड़ी होने पर रोगी को पेट दर्द, पीलिया जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता हैं। Cancer होने पर बुखार, कमजोरी, थकान और वजन कम होने जैसे लक्षण भी हो सकते हैं और ये होते हैं क्योंकि कैंसर की कोशिकाएं (Cells) शरीर की काफी उर्जा का इस्तेमाल कर लेती हैं साथ ही ऐसे लक्षण Cancer द्वारा आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी बदलाव होने के कारण हो सकते हैं। 
  • Cancer के लक्षण की पहचान से क्या फायदा (Benefit) होता है ? Cancer का इलाज तभी प्रभावी होता है जब कैंसर की पहचान शुरूआती चरणों में कर ली जाए। अकसर लोग लक्षणों को अनदेखा कर देते हैं और जो आगे चलकर घातक भी सिद्ध हो सकते है। यदि आप अपनी सेहत के प्रति जागरूक हैं तो समय समय पर अपनी जांच करवाते रहें खास कर जब आपके परिवार में किसी को Cancer हो या आप Smoking, शराब, तंबाकू, फ़ास्ट फ़ूड आदि चीज़ों का सेवन करते है। 
  • Cancer के सामान्य लक्षण क्या हैं ? यहाँ कुछ Cancer के लक्षण दिए जा रहे हैं लेकिन जरुरी नहीं की यह लक्षण होने पर आपको 100 प्रतिशत Cancer ही हो। लेकिन यदि लक्षण लम्बे समय तक चल रहे है और समय के साथ बढ़ रहे है तो आपको चिकित्सक से जांच करवा लेनी चाहिए। 
  • बिना कारण वजन कम होना। यदि आपका वजन तेजी से कम हो रहा है और आपको उसका कारण भी नहीं पता चल रहा तो डॉक्टर से जांच करवा लें। अधिकतर मामलों में 5 kg या उससे ज्यादा वजन अचानक से कम हो जाए तो यह कैंसर का लक्षण हो सकता है। ऐसा अकसर पेट, आहारनली, पीताश्य और फेफड़ों में Cancer की गांठ होने के कारण होता है।
  •  बुखार (Fever) रहना यदि किसी को बार बार या लगातार बुखार बना रहता है तो यह भी कैंसर का संकेत हो सकता है क्योंकि Cancer में अकसर रोगी का Immune System कमजोर हो जाता है जिसके परिणामस्वरूप बुखार होना स्वाभिक होता है। 
  •  ब्लड कैंसर जैसे leukemia या lymphoma की शुरुआत में भी बुखार हो सकता है। कमजोरी और थकावट भी Cancer का एक और लक्षण है कमजोरी और थकावट जो की आराम करने के बाद भी ठीक नहीं होती। ब्लड कैंसर, पेट का कैंसर और अमाशय में गांठ होने पर ऐसा होना आम बात है। 
  • दर्द होना :- कुछ कैंसर का मुख्य और शुरुआती लक्षण होता है जैसे हड्डी और अंडकोष का Cancer. इसी प्रकार सिर में दर्द का बने रहना Brain Tumor का लक्षण हो सकता है। इसी प्रकार पीठ या कमर में दर्द, बड़ी आंत, ओवरी या गुदा के कैंसर का लक्षण हो सकता है|
  • त्वचा में बदलाव :- त्वचा के कैंसर के अलवा कुछ और प्रकार के कैंसर भी आपके त्वचा में बदलाव कर सकते हैं जैसे त्वचा पर बाल अधिक होना, त्वचा का काला पड़ना या काले धब्बे पड़ना, त्वचा का लाल होना, स्किन पर खुजली होना Cancer के कुछ विशेष लक्षण है। 

1. लगातार खांसी आना या गला बैठना। 

अधिकतर मामलों में खांसी किसी Allergy, वायरल या Bacteria Infection  के कारण होती है और कुछ हफ़्तों में अपने आप ठीक हो जाती है। इसी तरह गला बैठने की समस्या Vocal cord में गांठ होने या श्वसन तंत्र में Allergy के कारण होती है। अगर आपकी खांसी या गला बैठने की समस्या तीन चार हफ़्तों तक लगातार बनी रहती है तो तुरंत जाकर डॉक्टर से अपनी जांच करवाएं। अगर खांसी के दौरान बहुत तकलीफ हो रही है या खांसते समय बलगम के साथ खून निकल रहा है तो यह फेफड़ों के कैंसर का लक्षण है। ऐसे में बिना देरी किए आपको तुरंत अपनी जांच करवानी चाहिए।

2. स्तनों में बदलाव  

यह सच है कि Breasts में मौजूद अधिकतर गांठे Cancer का कारण नहीं होती है लेकिन फिर भी आपको प्रत्येक गांठ की जांच ज़रूर करवानी चाहिए। गांठ होने पर डॉक्टर Mammogram की मदद से स्तन कैंसर की जांच करते हैं। अगर आपके Nipple से स्त्राव होता रहता है या उसमें से ब्लड निकल रहा है तो यह स्तन कैंसर का लक्षण हो सकता है। ऐसे में जल्द से जल्द अपनी जांच करवाएं।

3. शौच में बदलाव 

अगर लगातार चार हफ़्तों तक आपको शौच (Defecation) के Pattern में कुछ परिवर्तन नज़र आते हैं तो इसे नजरअंदाज न करें। मल में खून आना, डायरिया या दस्त होना, कब्ज़ होना, शौच  (Defecation) के बाद भी पेट ठीक से खाली ना होना, पेट या गुदा (Anal)  के आस पास दर्द होना ये सब Colon cancer के लक्षण हैं। इसलिए ऐसा कुछ भी नजर आये तो Doctor से अपनी जांच करवाएं।

4. तिल के आकार में परिवर्तन।  

अगर आपकी Skin पर तेजी से नए तिल ( Mole ) बन रहे हैं या पुराने तिलों का आकार बदल रहा है उनके रंग, गोलाई या गहराई में परिवर्तन हो रहा है तो यह Skin Cancer का संकेत हो सकता है। ऐसा कुछ भी नजर आने पर चिकित्सक से अपनी जांच करवाएं।

5. मूत्र (Urine) में खून निकलना।  

Urine में खून निकलने की समस्या को रक्तमेह (Hematuria) कहा जाता है। यह समस्या Urine में संक्रमण, किडनी की पथरी या मूत्र मार्ग में किसी बाधा के कारण हो सकती है। कुछ मामलों में यह समस्या ब्लैडर या किडनी के कैंसर के कारण भी हो सकती है। इसलिए कभी भी अगर मूत्र में खून आए तो उसे अनदेखा ना करें बल्कि डॉक्टर से अपनी जांच करवाएं।

6. तेजी से वजन घटना।  

बिना कोई प्रयास किए अगर आपका वजन तेजी से कम हो रहा है तो जान लें कि यह कैंसर का लक्षण हो सकता है। अधिकांश मरीजों को जब तक कैंसर के बारे में पता चलता है उस समय उनका वजन काफी कम हो चुका होता है। हालांकि वजन कम होने के कैंसर के अलावा भी कई अन्य कारण हो सकते हैं लेकिन बेहतर होगा कि आप Doctor से जांच करवाकर सही कारण का पता लगाएं।

7. योनि से खून निकलना।  

अगर आप गर्भनिरोधक गोलियां खा रही हैं तो माहवारी के बीच में योनि से खून निकलना पूरी तरह सामान्य है। लेकिन अगर बिना किसी दवा का सेवन किए ही माहवारी के बीच में आपको Bleeding हो रही है या सेक्स करने के बाद खून निकल रहा है या Menopause  के बाद भी खून निकल रहा है तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। यह गर्भाशय या Cervical cancer का लक्षण हो सकता है।

8. मुंह का Ulcer.  

 अगर आपके मुंह में Ulcer है और वो तीन चार हफ़्तों बाद भी ठीक नहीं हो रहा है तो तुरंत जाकर चिकित्सक से अपनी जांच करवाएं। जो लोग तम्बाकू और धूम्रपान बहुत ज्यादा करते हैं उनमें ये समस्या ज्यादा पाई जाती है। यह ओरल कैंसर का लक्षण है इसलिए बिना देरी किए मुंह के घाव की जांच करवाएं।

इसलिए आपको या परिवार के किसी अन्य सदस्य को ऊपर बताए गए कोई भी लक्षण नजर आते हैं तो डॉक्टर से चेकअप ज़रूर करवाएं। ध्यान रहे कि शुरूआती जांच से आप किसी भी तरह के Cancer से बच सकते हैं।

 #  Cancer से कैसे बचें ?

 What is Cancer, Symptoms, Causes and Treatment in hindi
कैंसर को रोकने के लिए कोई निश्चित तरीका नहीं है। लेकिन डॉक्टरों ने आपके कैंसर के जोखिम को कम करने के कई तरीकों की पहचान की है, जैसे कि:
  1. धूम्रपान बंद करो। यदि आप धूम्रपान करते हैं, तो छोड़ दें। यदि आप धूम्रपान नहीं करते हैं, तो शुरू करने की ना सोचें। धूम्रपान कई प्रकार के कैंसर से जुड़ा हुआ है - न केवल फेफड़ों के कैंसर। धूम्रपान को अब रोकना भविष्य में कैंसर के खतरे को कम करेगा।
  2. अत्यधिक सूर्य एक्सपोजर से बचें। सूरज से हानिकारक पराबैंगनी किरणें (UV) त्वचा के कैंसर के आपके जोखिम को बढ़ा सकती हैं। सुरक्षात्मक कपड़े पहनने या सनस्क्रीन लगाने के लिए छाया में रहने से अपने सूर्य का प्रदर्शन सीमित करें।
  3. एक स्वस्थ आहार खाओ। फल और सब्जियों में समृद्ध आहार चुनें।  अनाज और प्रोटीन का चयन करें।
  4. सप्ताह के अधिकांश दिनों में व्यायाम करें। नियमित अभ्यास कैंसर के कम जोखिम से जुड़ा हुआ है। सप्ताह के अधिकांश दिनों में अभ्यास के कम से कम 30 मिनट के लिए लक्ष्य रखें। यदि आप नियमित रूप से व्यायाम नहीं कर रहे हैं, तो धीरे-धीरे शुरू करें और 30 मिनट या उससे अधिक समय तक व्यायाम करें।
  5. एक स्वस्थ वजन बनाए रखें। अधिक वजन या मोटापे से होने से आपके कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। स्वस्थ आहार और नियमित व्यायाम के संयोजन के माध्यम से स्वस्थ वजन को प्राप्त करने और बनाए रखने के लिए कार्य करें।
  6. अनुसूची कैंसर स्क्रीनिंग परीक्षा। अपने जोखिम कारकों के आधार पर आपके डॉक्टर से बात करें कि किस प्रकार के कैंसर स्क्रीनिंग टेस्ट आपके लिए सर्वोत्तम है।
  7. अपने डॉक्टर से टीकाकरण के बारे में पूछें। कुछ वायरस कैंसर के जोखिम को बढ़ाते हैं। टीकाकरण उन वायरस को रोकने में मदद कर सकता है, जिसमें हैपेटाइटिस बी, जो यकृत कैंसर का खतरा बढ़ाता है, और मानव पेपिलोमावायरस (एचपीवी), जो गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर और अन्य कैंसर का खतरा बढाता है। अपने डॉक्टर से पूछें कि क्या इन वायरस के खिलाफ टीकाकरण आपके लिए उपयुक्त है।

 #  Cancer का इलाज़ और परेशानियां। 

कैंसर और इसके उपचार से कई जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है, जिनमें निम्न शामिल हैं :-
  1. दर्द ( Pain ) :- कैंसर दर्द या कैंसर के इलाज के कारण हो सकता है, हालांकि सभी कैंसर दर्दनाक नहीं है। दवाएं और अन्य दृष्टिकोण कैंसर से संबंधित दर्द का प्रभावी ढंग से इलाज कर सकते हैं।
  2. थकान :-  कैंसर वाले लोगों में थकान के कई कारण होते हैं, लेकिन इसे अक्सर प्रबंधित किया जा सकता है। कीमोथेरेपी या विकिरण थेरेपी उपचार से जुड़ी थकान आम है, लेकिन यह आमतौर पर अस्थायी होती है।
  3. सांस लेने मे तकलीफ :- कैंसर या कैंसर के उपचार से सांस कम होने की भावना हो सकती है। उपचार से राहत मिल सकती है।
  4. जी मिचलाना:- कुछ कैंसर और कैंसर उपचार मतली पैदा कर सकते हैं। कभी-कभी आपका डॉक्टर भविष्यवाणी कर सकता है कि क्या आपके उपचार में मतली हो सकती है। दवाएं और अन्य उपचार आपको मतली को रोकने या घटाने में मदद कर सकते हैं।
  5. दस्त या कब्ज :- कैंसर और कैंसर उपचार आपके आंतों को प्रभावित कर सकते हैं और दस्त या कब्ज का कारण बन सकते हैं।
  6. वजन घटना :- कैंसर और कैंसर उपचार वजन घटाने का कारण बन सकता है। कैंसर सामान्य कोशिकाओं से भोजन चुराता है और उन्हें पोषक तत्वों से वंचित कर देता है। यह अक्सर कितनी कैलोरी या किस तरह का भोजन खाया जाता है इससे प्रभावित नहीं होता है; इलाज करना मुश्किल है। ज्यादातर मामलों में, पेट या नस में ट्यूबों के माध्यम से कृत्रिम पोषण का उपयोग वजन घटाने में मदद नहीं करता है।
  7. शरीर में रासायनिक परिवर्तन :- कैंसर आपके शरीर में सामान्य रासायनिक संतुलन को परेशान कर सकता है और गंभीर जटिलताओं के आपके जोखिम को बढ़ा सकता है। रासायनिक असंतुलन के लक्षणों और लक्षणों में अत्यधिक प्यास, लगातार पेशाब, कब्ज और भ्रम शामिल हो सकता है।
  8. मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र की समस्याएं :- कैंसर पास के नसों पर दबा सकता है और आपके शरीर के एक हिस्से के दर्द और हानि का कारण बन सकता है। मस्तिष्क में शामिल कैंसर सिरदर्द और स्ट्रोक जैसे संकेत और लक्षण पैदा कर सकता है, जैसे आपके शरीर के एक तरफ कमजोरी।
  9. कैंसर के लिए असामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली प्रतिक्रियाएं :- कुछ मामलों में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली स्वस्थ कोशिकाओं पर हमला करके कैंसर की उपस्थिति पर प्रतिक्रिया दे सकती है। जिसे पैरानेप्लास्टिक सिंड्रोम कहा जाता है, ये बहुत दुर्लभ प्रतिक्रियाएं विभिन्न प्रकार के लक्षणों और लक्षणों जैसे कि चलने और दौरे में कठिनाई का कारण बन सकती हैं।
  10. कैंसर फैलता है :- कैंसर की फैलाव के रूप में यह शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकता है (मेटास्टेसाइज)। जहां कैंसर फैलता है कैंसर के प्रकार पर निर्भर करता है।
  11. कैंसर लौट सकता है :- कैंसर से बचने वालों को कैंसर पुनरावृत्ति का खतरा होता है। कुछ कैंसर दूसरों की तुलना में पुनरावृत्ति की अधिक संभावना है। कैंसर पुनरावृत्ति के अपने जोखिम को कम करने के लिए अपने डॉक्टर से पूछें कि आप क्या कर सकते हैं। उपचार के बाद आपका डॉक्टर आपके लिए फॉलो-अप देखभाल योजना तैयार कर सकता है। इस योजना में कैंसर पुनरावृत्ति की तलाश करने के लिए महीनों और वर्षों के दौरान आवधिक स्कैन और परीक्षाएं शामिल हो सकती हैं।

 #   Cancer कितने प्रकार का होता है - Types of cancer in hindi

 What is Cancer, Symptoms, Causes and Treatment in hindi
Cancer के अलग-अलग प्रकार अग्रलिखित है :-

1. मुंह का Cancer :-
मुंह के Cancer का शिकार अकसर वो लोग होते हैं जो धूम्रपान करते है जैसे - गुटखा, खैनी, बीडी, सिगरेट, शराब आदि हानिकारक चीज़ों का सेवन करते हैं। यह कैंसर होंठ, जीभ, गला कहीं भी हो सकता है। मुंह के कैंसर के निम्न लक्षण हो सकते हैं।
    • मुंह या गले में गाँठ का होना जो ठीक ना हो रही हो। 
    • जबड़ा खुलने में परेशानी। 
    • मुंह या गले में किसी जगह दाने, सूजन या मोटा उभार होना। 
    • गले में कुछ फंसे होने का एहसास होना। 
    • खाने, बोलने या निगलने में दर्द और परेशानी होना।  
    • कान में निरंतर दर्द बने रहना। 
    • जबड़ा या जीभ को हिलाने में दिक्कत होना। 
    • आवाज में बदलाव जैसे फटी हुई या भारी आवाज निकलना। 
    • दांतों का अचानक से कमजोर होना। 

    2. Breast Cancer :-
    • निप्पल (Nipple) में सूजन और कड़क हो जाना 
    • स्तन (Breast) में या बगल में गांठ होना 
    • ब्रैस्ट की त्वचा में बदलाव होना या त्वचा के छिद्रों (Pores) का बड़ा हो जाना
    • स्तन में गांठ होना जरुरी नहीं की कैंसर हो लेकिन गांठ होने पर चिकित्सक की सलाह जरुर ले लेनी चाहिए। 
    • इसके अलावा निप्पल से खून आना या white डिस्चार्ज होना भी ब्रैस्ट कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। 
    • स्तन में एक ओर ज्यादा सूजन और दर्द होना जिससे स्तन के आकर में आपको परिवर्तन नजर आए इसी प्रकार स्तन का सिकुड़ जाना भी एक लक्षण है। 
    • निप्पल (Nipple) का अन्दर की ओर या एक ओर मुड जाना। 
    • निप्पल (Nipple) के आस पास की त्वचा लाल और सूजी हुई दिखाई देना। 
    • Breast Cancer के बारे में और पढ़ने के यहाँ Click करें। 

    3. Blood Cancer :-
    Blood यानि खून के कैंसर कई प्रकार के होते हैं जैसे leukaemia, lymphoma, myeloma आदि। खून का कैंसर होने कई लक्षण और संकेत होते हैं जो की सभी प्रकार के ब्लड कैंसर में लगभग सामान से ही होते हैं|

    • बिना किसी कारण शरीर का वजन कम होना 
    • बहुत थकावट रहना 
    • कमजोरी रहना 
    • सांस फूलना 
    • लसिका ग्रन्थियो में सूजन 
    • पेट में दर्द और सूजन रहना 
    • बार बार इन्फेक्शन की चपेट में आना 
    • बुखार और रात को पसीना आना 
    • जोड़ों और हड्डियों में दर्द रहना 
    • त्वचा पर खुजली रहना 
    • छाती और कमर में दर्द रहना 
    • जरुरत से ज्यादा पसीना आना

    4. पेट का Cancer :-
    पेट में कैंसर का मतलब यहाँ हमारा Stomach यानि अमाशय से है जिसके मुख्य लक्षण निम्न हैं :-

    • पेट में दर्द
    • भारीपन और सूजन रहना 
    • बदहजमी या अपचन
    • भोजन के बाद भारीपन महसूस होना 
    • जी मिचलाना
    • भूख न लगना
    • एसिडिटी रहना 
    • उलटी और दस्त
    • मल के साथ खून आना
    • बिना कारण के वजन कम होना 
    • त्वचा आँखों का पीला होना 
    • कब्ज रहना 
    • कमजोरी और थकावट रहना, जरुरी नहीं की यह लक्षण होने पर आपको पेट का कैंसर हो यह इन्फेक्शन के कारण भी हो सकते हैं इसलिए यदि आप लम्बे समय से इनमें से किसी लक्षण से परेशान हैं तो तुरंत किसी अच्छे पेट के डॉक्टर से परामर्श करें। 

    5. Liver Cancer :-
    लीवर में कैंसर होने के लक्षण अकसर शुरुआत में देखने को नहीं मिलते लेकिन कुछ संकेत हैं जिनसे आप लीवर में गांठ होने की पहचान कर सकते हैं। 
    • भार का कम होना और उसका कारण पता न चलना 
    • भूख न लगना 
    • थोड़ा सा भोजन खाने पर ऐसा लगना की बहुत ज्यादा खा लिया है। 
    • जी मिचलाना और उलटी होना 
    • पसलियों के नीचे दाहिनी तरफ सूजन होना 
    • पेट में दर्द 
    • पेट में पानी भरना 
    • त्वचा पर खुजली होना 
    • त्वचा और आँखों का पीला पड़ना (पीलिया) 
    • बुखार रहना 
    • पेट में फूली हुई नाड़ियो का दिखाई देना 
    • इनके अलावा लीवर में गाँठ कुछ Hormones का निर्माण करती है जो दुसरे अंगों की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं। ये Hormones खून में कैल्शियम के लेवल को बढ़ा कर जी मिचलाना, Confusion, कब्ज, कमजोरी या मांसपेशियों से सम्बंधित समस्या पैदा कर सकते हैं| 
    • पुरषों में अंडकोष का श्रिंक होना और स्तनों का बढ़ जाना 
    • लाल रक्त कोशिकाओं के बढ़ने पर त्वचा का लाल दिखाई देना
    • कोलेस्ट्रॉल लेवल का बढ़ना

    6. फेफड़ों का Cancer :-
    फेफड़ों के Cancer होने के लक्षण शुरू में नजर नहीं आते लेकिन यदि आपको निम्न लक्षण हो रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह आवश्य लें।

    • खांसी रुकने का नाम ना ले रही हो 
    • सांस फूलना और सांस लेने में दिक्कत होना 
    • लम्बी सांस लेने पर छाती में तेज दर्द होना 
    • बलगम के साथ खून आना 
    • भूख और वजन कम होना 
    • थकान और कमजोरी रहना 
    • हँसते और खांसते समय चेस्ट में दर्द होना 
    • यदि कैंसर दुसरे अंगों तक फ़ैल जाए तो निम्न लक्षण भी देखने को मिलते हैं। 
    • हड्डियों में दर्द 
    • यदि कैंसर लीवर तक पहुँच जाए तो पीलिया भी हो सकता है। 
    • त्वचा पर उभार दिखाई देना 
    • तंत्रिका तंत्र में बदलाव जिससे सर दर्द, हाथ पैरों का सुन्न होना, चक्कर आना या दौरे पड़ना जैसे लक्षण हो सकते हैं। 

    7. Brain Tumor :-
    Brain Tumor या दिमाग में गांठ होने पर अलग-अलग लोगों में अलग-अलग लक्षण देखने को मिलते हैं| सिर दर्द जो की अकसर सुबह के समय होता है और बहुत तेज होता हैं। इस सिर दर्द पर दर्द निवारक असर नहीं कर पाते लेकिन व्यक्ति को सीधा खड़े होने पर आराम मिलता है। दिमाग में कैंसर होने पर व्यक्ति को देखने सम्बंधित परेशानी भी हो सकती है। खड़े होने पर या शरीर की स्तिथि बदलने पर आँखों के आगे कुछ देर के लिए अँधेरा छा जाना।

    • रोगी को दौरे भी पड़ सकते हैं। 
    • जी मिचलाना
    • चक्कर आना
    • दिमाग के कार्य कमजोर होना
    • शारीर का संतुलन बनाने में दिक्कत होना
    • बोलने में परेशानी होना
    • शरीर पर सुइयां चुभना
    • अधिक नींद आना
    • हाथ पैरों में कमजोरी रहना भी दिमाग के कैंसर के लक्षण हो सकते हैं। 

    8. हड्डियों का Cancer :-

    • हड्डी का बार बार टूटना
    • हड्डी दर्द होना और उस जगह पर सूजन रहना
    • कमजोरी रहना और शरीर का वजन एक दम से कम हो जाना
    • ऐसे लक्षण यदि आप में दिखाई दे रहे हैं तो हड्डी के डॉक्टर से सलाह लें। 

    9. यूरिन Cancer :-

    • योनी से खून आना 
    • पेशाब करते समय दर्द होना 
    • सम्भोग के समय दर्द होना 
    • प्राइवेट पार्ट्स के आस-पास दर्द रहना। 

     #  Cancer से बचने के Tips :-

    कैंसर से बचाव के तरीके टिप्स। कैंसर होने का खतरा कम करने के लिए जरुरी बातें यहाँ कुछ जरुरी बातें बताई जा रही हैं जो आपको भविष्य में कैंसर से बचने में मदद करेंगी। तम्बाकू को कहें ना तंबाकू मुंह, गले, फेफड़ें, पिताश्य, गुर्दे, ब्लैडर कैंसर होने का मुख्य कारण बनता है। तंबाकू चाहे किसी भी रूप में हो जैसे बीडी , गुटखा, खैनी, हुक्का या फिर कोई और भी धुम्रपान कर रहा हो तब भी आपके स्वास्थय के लिए हानिकारक हो सकता है। इसलिए यह जरुरी है की आप आज से ही इसका प्रयोग बंद करें।

    1. स्वस्थ आहार का सेवन करें :-
    स्वस्थ खान पान से आप काफी हद तक कैंसर के खतरे को दूर रख सकते हैं। खूब हरी पत्तेदार सब्जियां और रंगीन फ्रूट्स खाइए ऐसी चीज़ों से परहेज करिए जिनसे मोटापा बढ़ता हो – जैसे मैदा, ज्यादा मीठा, फैटी भोजन आदि। शराब किडनी, लीवर, स्तन, पेट आदि के कैंसर का कारण बनती है इसलिए इससे दूर रहे। ओलिव आयल, ड्राई फ्रूट्स, बीन्स, दालें आदि को भी अपने फ़ूड मेनू में शामिल करें।

    2. वजन मेन्टेन रखें। 
    स्वस्थ भार होने से कई प्रकार के कैंसर जैसे किडनी, Colon, Breast, प्रोस्टेट और लंग कैंसर होने की संभावना काफी कम होती है। आपको कम से कम रोजाना 30 Minutes या उससे ज्यादा एक्सरसाइज करके अपने आपको शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने की कोशिश करनी चाहिए। सूर्य से बचकर रहिए सूर्य की हानिकारक किरणें त्वचा के रोग ही नहीं कैंसर तक करने में सक्षम होती हैं इसलिए सुभे 10 से 4 बजे तक सूर्य की रौशनी में न निकलें और यदि जरुरी होती तो सुरक्षा के उपाय जैसे स्कार्फ, टोपी, चश्मा और सनस्क्रीन लोशन का प्रयोग करना न भूलें।

    3. Vaccination लीजिए
    आपको जरुरी Vaccination लेनी चाहिए और अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को Strong बनाने के लिए डॉक्टर से जरुरी सलाह लेनी चाहिए। कुछ वायरस जैसे हेपेटाइटिस, लीवर के कैंसर भी पैदा कर सकते है। इसी प्रकार HPV वायरस का संक्रमण गुप्तांगों सम्बंधित कैंसर पैदा कर सकता है| असुरक्षित यौन सम्बन्ध से दूर रहिए, नशे का सहारा ना लें और समय समय पर अपनी मेडिकल जांच करवाते रहे ताकि आपको कभी कोई बीमारी न हो पाए। ज्यादा जानकारी के लिए आप पास ही के किसी हॉस्पिटल में डॉक्टर से कैंसर के प्रति जरुरी सलाह ले सकते हैं।

     कैंसर का इलाज। Cancer treatment कैंसर का इलाज या उपचार इस बात पर निर्भर करता है की आपको किस प्रकार का कैंसर है और वो किस स्टेज में है| अक्सर कैंसर के रोगियों को उनकी स्तिथि के आधार पर सर्जरी, Radiation थेरेपी, Chemotherapy, Immunotherapy , Targeted Therapy, Hormone Therapy, Stem Cell Transplant आदि करवाने की सलाह दी जाती है जिनके साइड इफेक्ट्स भी होते हैं। साथ ही डॉक्टर जरुरी दवाइयां लेने की भी सलाह देता है। 

     #  Cancer के आयुर्वेदिक उपचार :-

     What is Cancer, Symptoms, Causes and Treatment in hindi
    Cancer हमारे देश मे बहुत तेज़ी से अपने पैर पसार रहा है। हर साल बीस लाख लोग कैंसर से मर रहे है और हर साल नए मामले सामने आ रहे है। कैंसर के पीड़ित की कैंसर से मृत्यु नही होती है, जो Treatment उसे दिया जाता है उससे मृत्यु सबसे अधिक होती है। मतलब की कैंसर से ज्यादा खतरनाक कैंसर का Treatment है।

    Treatment कैसा है :- आप सभी जानते है कि कैंसर के मरीज़ को उपचार के रूप में Chemotherapy दे दिया, Radiotherapy दे दिया, Cobalt-therapy दे दिया। इसमें क्या होता है कि शरीर की जो प्रतिरोध शक्ति होती है वो बिलकुल समाप्त हो जाती है। जब Chemotherapy दिए जाते है तो डाक्टर ये बोलते है की हम कैंसर की कोशिकाओं को मारना चाहते है लेकिन होता क्या है कि उस Treatment से अच्छी कोशिकाएं भी उसी के साथ मर जाती है।

    मतलब क्या है कि Treatment लेने मे जो खर्च आपने कर दिया वो तो गया ही और आपका सदस्य भी आपके हाथों से स्वर्ग सिधार गया। Doctor आपको भूल-भुलैया में रखता है अभी 6 महीने में ठीक हो जाएगा, 8 महीने में ठीक हो जाएगा। लेकिन अंत में वो मर ही जाता है, कभी हुआ नही है के Chemotherapy लेने के बाद कोई मरीज़ बच पाया हो। आपके घर परिवार में अगर किसी को कैंसर हो जाए तो ज्यादा पैसे खर्च मत कीजिए क्योंकि की जो खर्च आप करेंगे उससे मरीज का तो भला होगा नहीं, इसके विपरीत उसको इतना कष्ट होता है की आप कल्पना नही कर सकते।

    उसको जो Injections दिए जाते है, जो Tablets खिलाई जाती है, उसको जो Chemotherapy दी जाती है उससे सारे बाल उड़ जाते है, चेहरा इतना डरावना लगने लगता है कि पहचान में नही आता की ये अपना ही आदमी है ? इतना कष्ट क्यों दे रहे हो उसको ? सिर्फ इसलिए की आपको एक अहंकार है कि आपके पास बहुत पैसा है तो Treatment कराकर ही मानेगें। होता ही नही है वो,
    और आप अपने आस पड़ोस की बातें ज्यादा मत सुनिए क्योंकि आजकल हमारे रिश्तेदार बहुत Emotionally Exploit करते है। घर में किसी को गंभीर बीमारी हो गयी हो तो रिश्तेदार सबसे पहले आकर कहते है

    • अरे All India नही ले जा रहे हो ?
    •  PGI नही ले जा रहे हो ? 
    • Tata Institute बम्बई नही ले जा रहे हो ? 
    आप कहोगे नहीं ले जा रहा हूँ मेरे घर में ही चिकित्सा …. अरे तुम बड़े कंजूस  हो पिता के लिए इतना भी नही कर सकते, माता के लिए इतना नही कर सकते ”  ये बहुत खतरनाक लोग होते है। हो सकता है कई बार वो Innocently कहते हो, उनका intention ख़राब नही होता हो लेकिन उनको Knowledge कुछ भी नही है, बिना Knowledge के वो सुझाव पे सुझाव देते जाते है और कई बार अच्छा खासा Well Educated आदमी फंसता है उसी में .. रोगी को भी गंवाता है पैसा भी जाता है।

     #  कैंसर के लिए क्या करे ?

    हमारे घर में ही Cancer के लिए एक बहुत अच्छी दावा है ..अब डॉक्टर्स ने भी मान लिया है पहले तो वे मानते भी नही थे। एक ही दुनिया में दावा है और उसका नाम है  हल्दी। हल्दी कैंसर ठीक करने की शक्ति रखती है
    कैसे ताकत रखती है वो जान लीजिए हल्दी में एक केमिकल है उसका नाम है कर्कुमिन (Carcumin) और ये ही कैंसर कोशिकाओं को मार सकता है बाकि कोई केमिकल बना नही दुनिया में और ये भी आदमी ने नही भगवान ने ही बनाया है। हल्दी जैसा ही कर्कुमिन और एक चीज में है वो है देशी गाय के मूत्र में । गोमूत्र माने देशी गाय के शरीर से निकला हुआ सीधा-सीधा मूत्र जिसे सूती कपड़े से छान कर लिया गया हो । अगर देशी गाय का मूत्र आपको मिल जाए और हल्दी से आप Cancer का इलाज़ आसानी से कर सकते है ।

    देशी गाय की पहचान उसकी पीठ पर हंप से होती है
    आधा कप देशी गाय का मूत्र और आधा चम्मच हल्दी दोनों को मिलाकर गरम करना है ताकि वह अच्छी तरह उबल जाए। फिर उसको ठंडा कर लें । Room Temperature में आने के बाद रोगी को चाय की तरह पिलाना है .. चुस्कियां ले ले के सिप सिप कर कर के । एक और आयुर्वेदिक दवा है पुनर्नवा जिसको अगर आधा चम्मच इसमें मिलाएंगें तो और अच्छा परिणाम मिलेगा। ये Supplementary है जो पंसारी की दुकान में पाउडर या छोटे छोटे टुकड़ों में आपको आसानी से मिल जाएगी है।

    याद रखें इस दावा में सिर्फ देशी गाय का मूत्र ही काम में आता है विदेशी जर्सी का मूत्र कुछ काम नही आता । और जो देशी गाय काले रंग की हो उसका मूत्र सबसे अच्छा परिणाम देता है। इस दवा को (देशी गाय की मूत्र, हल्दी, पुनर्नवा ) सही अनुपात में मिलाके उबालकर ठंडा करके कांच की पात्र में स्टोर करके रखिए पर बोतल को कभी फ्रिज में मत रखें, धूप में भी मत रखें। ये दवा कैंसर के Second Stage में और कभी कभी Third Stage में भी बहुत अच्छे परिणाम देती है।

    जब Cancer Third StagCross करके Forth में पहुँच गया हो तब रिजल्ट में प्रॉब्लम आती है। और अगर अपने किसी रोगी को Chemotherapy Treatment दे दिया हो तो फिर इसका कोई असर नही होता ! कितना भी पिलादो कोई रिजल्ट नही आता, 99.99 percent रोगी मरता ही है। आप अगर किसी रोगी को ये दावा दे रहे है तो उसे पूछ लीजिए जान लीजिए कहीं Chemotherapy Treatment शुरू तो नही हो गयी ? अगर शुरू हो गयी है तो आप उसमे हाथ मत डालिए, जैसा डॉक्टर करता है करने दीजिए, आप भगवान से प्रार्थना कीजिए उसके लिए।

    और अगर Chemotherapy Start नही हुई है और उसने कोई Allopathy Treatment शुरू नही किया है तो इस दवा के आप देखेंगे Miraculous चमत्कारिक परिणाम। ये सारी दवाई काम करती है बॉडी के प्रतिरोध पर, हमारी जो जीवन शक्ति है उसको Improve करता है, हल्दी को छोड़ कर गोमूत्र और पुनर्नवा शरीर के जीवन शक्ति को Improve करती है और जीवन शक्ति Improve होने के बाद कैंसर कोशिकाओं को नियंत्रित करते है।
    तो कैंसर के लिए आप अपने जीवन में इस तरह से काम कर सकते है। इसके अलावा भी बहुत सारी Medicines है जो थोड़ी पेचीदा ( Complicated ) है वो कोई बहुत अच्छा डॉक्टर या वैद्य उसको हैंडल करे तभी होगा आपसे अपने घर में नही होगा। इसमें एक सावधानी रखनी है के गाय के मूत्र लेते समय गाय गर्भवती नही होनी चाहिए। गाय की जो बछड़ी है जो माँ नही बनी है उसका मूत्र आप कभी भी उपयोग कर सकते है।
    ये तो बात हुई कैंसर के चिकित्सा की, पर जिन्दगी में कैंसर हो ही न ये और भी अच्छा है जानना।

    तो जिन्दगी में आपको कभी कैंसर न हो उसके लिए एक चीज याद रखिए कि हमेशा जो खाना खाए उसमे डालडा घी (refine oil ) तो नही है ? हमेशा शुद्ध तेल का सेवन करें अर्थात सरसों, नारियल, मूँगफली का तेल खाने मे प्रयोग करें। और घी अगर खाना है तो देशी गाय का घी खाएं। अगर गाय का देश घी नहीं है ! आप दूसरा जो भी खाना खा रहे है उसमे रेशेदार हिस्सा ज्यादा होना चाहिए जैसे छिल्केवाली डालें, छिल्केवाली सब्जिया खा रहे है, चावल भी छिल्केवाली खा रहे है तो बिलकुल निश्चिन्त रहिये कैंसर होने की कोई आशंका ही नही है ।

    और कैंसर के सबसे बड़े कारणों में से दो तीन कारण है, एक तो कारण है तम्बाकू, दूसरा है बीड़ी और सिगरेट और गुटका इन चार चीजो को तो कभी भी हाथ मत लगाइए। क्योंकि कैंसर के maximum cases इन्ही के कारण है पुरे देश में है।

    1. Liver खराब होने के कारण, लक्षण और उपाय।
    2. Calcium की कमी के कारण, लक्षण और उपाय।  
    3. Tuberculosis causes, Symptoms and Treatment  

    कैंसर के बारे में सारी दुनिया एक ही बात कहती है चाहे वो डॉक्टर हो, Experts हो, Scientist हो, इससे बचके रहना। महिलाओं में आजकल Cancer बहुत तेजी से फ़ैल रहा है, गर्भाशय में, स्तनों में और ये काफी तेजी से बड़ रहा है। Tumor होता है फिर कैंसर में बदल जाता है। तो माताओं और बहनों को क्या करना चाहिए जिससे उनकी जिन्दगी में कभी Tumor न आए ? आपके लिए सबसे अच्छा निवारण है की जैसे ही आपको आपके शरीर के किसी भी भाग में अवांछित विकास ( Unwanted growth ) (रसोली, गांठ) का पता चले तो जल्द ही आप सावधान हो जाइए। हलाकि सभी गांठ और सभी रसोली कैंसर नही होती है 2-3% ही कैंसर में convert होती है।

     लेकिन आपको सावधान होना तो पड़ेगा। माताओं को अगर कहीं भी गांठ या रसोली हो गई जो कैंसरमुक्त (Non-cancerous) है तो जल्द से जल्द इसे गलाना और घोल देने की दुनिया में सबसे अच्छी दवा है ” चूना ” । चूना वही जो पान में खाया जाता है, जो पोताई में इस्तेमाल होता है ; पानवाले की दुकान से चुना ले आइए उस चूने को कनक (गेहूं) के दाने के बराबर रोज खाइए। इसको खाने का तरीका है

    • पानी में घोल के पानी पी लीजिए
    •  दही में घोल के दही पी लीजिए
    • लस्सी में घोल के लस्सी पी लीजिए
    •  दाल में मिलाके दाल खा लीजिए
    • सब्जी में डाल के सब्जी खा लीजिए। पर ध्यान रहे पथरी के रोगी के लिए चुना वर्जित है।

     #  Conclusion :-

    संपूर्ण आर्टिकल को पढ़ने के बाद अब आप जान ही चुके होंगे कि Cancer किस हद तक हमारी ज़िन्दगी को नेस्तनाबूद कर सकता है जिसका मुख्य कारण हम स्वंय ही हैं। बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल, गलत ढंग से खान-पान, पौष्टिक भोजन का अभाव, धूम्रपान करना आदि सभी ऐसे पहलु हैं जो बीमारियों को पैर पसारने का निमंत्रण देते है और उन्हीं में से एक घातक बिमारी Cancer भी है। जो एक बार किसी पर अपना शिकंजा कस ले तो फिर आसानी से नहीं छोड़ती। इसमें अगर पीड़ित का समय रहते इलाज़ शुरू कर दिया जाए और सौभाग्य रहा तो बचने के आसार है वरना मृत्यु तय है। अंत: हम आपसे यही दरखास्त करना चाहेंगें कि सबसे पहले तो धूम्रपान और एल्कोहल का त्याग करें इसके साथ-साथ अपनी जीवनशैली में पौष्टिक आहार को शामिल करें।ताकि आपके शरीर में रोगों से लड़ने की शक्ति कायम रहे।

     #  Final Words :-   

    हम आशा करते है कि आपको इस 
    ( Cancer क्या है कारण, लक्षण और उपचार - 
    What is Cancer Causes Symptoms and Treatment in hindi. )
    Article से काफी कुछ सिखने को मिला होगा। 
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    2 Comments

    1. This site is very usefull to me
      Thanks sir ji

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      1. Thank you very much Sammy sot ji...
        Keep visiting on Hashwh.com☺

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