Vitamin -C की कमी के कारण, लक्षण और उपाय in hindi - Vitamin-C deficiency cause, symptoms and remedies in hindi

Vitamin-C की कमी के कारण, लक्षण और उपाय  

Vitamin-C deficiency cause, symptoms and remedies in hindi
विटामिन सी ( Vitamin-C ) से जुड़े आहार बहुत आसानी से बाजार में मिल जाते हैं और सस्ते भी होते हैं। चूंकि Vitamin-C पानी में घुलनशील विटामिन है इसलिए आपको रोज इसकी जरूरत पड़ती है। शरीर को रोज इसकी पूर्ति होती रहे यह बहुत आवश्यक है क्योंकि इसकी कमी से कई प्रकार की बीमारियों हो सकती हैं। क्या आपको यह जानकारी है कि जब शरीर में Vitamin-C की कमी हो जाती है तो इससे किस तरह की परेशानियां शुरू होने लगती हैं और कौन-कौन से लक्षण महसूस होने लगते हैं? अगर नहीं तो आइए जानते हैं कि इन लक्षणों की पहचान कैसे की जा सकती है। इस लेख ( Vitamin-C की कमी, कारण लक्षण और उपाय ) के माध्यम से :-

Table of Content :-


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Vitamin-C की कमी के लक्षण :-

Vitamin-C deficiency cause, symptoms and remedies in hindi
शरीर में Vitamin-C की अधिक कमी होने पर इससे संबंधित लक्षण एक महीने के अंदर दिखाई देने लगते हैं, जो अग्रलिखित हैंः-

  • मसूड़ों में सूजन और खून आना :- मसूड़ों में सूजन और खून आने लगे तो यह Vitamin-C की कमी के लक्षण हो सकते हैं।
  • त्वचा पर लाल चकत्ता (रैशेज) होना :- यह Vitamin-C की कमी के प्रमुख लक्षणों में से एक है। अगर शरीर पर लाल चकत्ते होने लगे तो समझ जाना चाहिए कि Vitamin-C कमी हो रही है।
  • दांत कमजोर होने लगते है :- आपके दांत बिना किसी कारण से कमजोर होने लगे तो समझ जाएं कि Vitamin-C की कमी के कारण भी ऐसा हो सकता है।
  • कोलेजन संश्लेषण खराब हो सकता है :- जब शरीर की कोलेजन संशलेषण प्रक्रिया में खराबी आ जाए तो यह Vitamin-C की कमी का लक्षण हो सकता है।
  • शारीरिक शक्ति में कमी आना :- Vitamin-C की कमी के कारण शारीरिक शक्ति में कमी आ सकती है। ऐसा होना पर आपको Doctor से सम्पर्क करना चाहिए। इसी तरह पेरिफोलिकुलर हेमरेज और शरीर की टिशू का कमजोर होना भी Vitamin-C की कमी के लक्षणों में आता हैं। Vitamin-C की कमी के लक्षणों को शुरुआती अवस्था में पहचान लिया जाए तो उसकी रोकथाम कर शरीर को स्वस्थ बनाया जा सकता है।




 #  Vitamin-C की कमी के कारण :-

विटामिन सी की कमी कई कारणों से होती है जिनमें :-
  • स्वस्थ आहार का कम सेवन करना। 
  • आनुवांशिक विकार। 
  • अधिक व्यायाम करना। 
  • उच्च रक्तचाप। 
  • मेटाबोलिक सिंड्रोम। 
  • डायबिटीज और मोटापे के कारण भी विटामिन सी की कमी हो सकती है।


 #  शिशु एवं वृद्ध लोगों को हो सकती है Vitamin-C की कमी। 

शिशु काल एवं वृद्धावस्था में भी Vitamin-C कमी पाई जाती है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार पर्याप्त मात्रा में Vitamin-C का सेवन नहीं कर पाते हैं। इस कारण उनको विटामिन सी की कमी होने की संभावना रहती है और यह कई बीमारियों का कारण भी बन सकता है।


 #  बाजार के दूध से शिशु को हो सकती है Vitamin-C की कमी। 

शोध में यह बात भी सामने आई है कि मां के दूध में पर्याप्त मात्रा में Vitamin-C होता है, जबकि बाजार में मिलने वाले दूध को गर्म करने के कारण Vitamin-C की मात्रा में कमी आ जाती है। इसलिए जिन शिशुओं को मां का दूध पिलाया जाता है उनको अन्य शिशुओं की अपेक्षा अधिक विटामिन सी मिलता है जिससे वे अधिक स्वस्थ रहते हैं।


 #  पौष्टिक आहार की कमी से कम हो सकता है 
Vitamin-C. 

भारत में ऐसे हजारों लोग हैं, जो परिवार से दूर रहकर अपना जीवन व्यतीत करते हैं। अकेलेपन और भागदौड़ भरी जिंदगी के कारण वे अपने खान-पान पर अधिक ध्यान नहीं दे पाते हैं। पौष्टिक भोजन न सेवन करने के कारण इन्हें Vitamin-C कमी हो सकती है। ऐसे लोग प्रायः कम समय में जल्दी बन जाने वाला भोजन पकाया करते हैं। इस भोजन में Vitamin-C की कमी हो सकती है।


 #  धूम्रपान करने वालों को हो सकती है Vitamin-C की कमी। 

राष्ट्रीय पोषण संस्थान के अनुसार, जो  व्यक्ति धूम्रपान नहीं करते हैं, उनकी अपेक्षा धूम्रपान करने वाले लोगों के शरीर में Vitamin-C की अधिक कमी पाई जाती है। इसका मुख्य कारण धूम्रपान करने वाले लोगों द्वारा लिया जाने वाला असंतुलित आहार होता है। इसी तरह डिब्बाबंद या प्रोसेस्ड Food खाने वाले लोगों को भी Vitamin-C की कमी होने की संभावना रहती है।

Institute of Medicine के अनुसार, जो लोग धूम्रपान करते हैं उन्हें अपने शरीर में Vitamin-C की पर्याप्त मात्रा को बनाए रखने के लिए सामान्य लोगों की अपेक्षा 35 mg अधिक Vitamin-C का सेवन करना चाहिए। इस अतिरिक्त खुराक द्वारा धूम्रपान करने वाले लोगों के शरीर में निर्धारित मात्रा में विटामिन सी की पूर्ति हो सकती है।




 #  गंभीर बीमारी की स्थिति में कम हो सकता है 
Vitamin-C. 

किसी गंभीर बीमारी होने के कारण भी शरीर में Vitamin-C की कमी हो सकती है। आंतों से जुड़ी गंभीर बीमारियां जैसे- मैलाबॉस्पशन, कैशेक्सिया या कैंसर के कारण भी शरीर में Vitamin-C कमी हो सकती है। इसी तरह किडनी की गंभीर बीमारी भी Vitamin-C की कमी का कारण बन सकता है।


 #  Vitamin-C की कमी से होने वाली बीमारियां। 

अगर शरीर में लंबे समय तक विटामिन सी की कमी रही तो इससे स्कर्वी रोग हो सकता है, और समय पर इलाज नहीं कराने पर यह घातक भी सिद्ध हो सकता है। ऐसा भी माना जाता है कि अगर Vitamin-C का अधिक सेवन किया गया तो इससे किडनी से संबंधित बीमारी हो सकती है, लेकिन अभी तक इससे जुड़े किसी प्रमाणिक तथ्य का पता नहीं चला है। Vitamin-C की कमी से निम्न बीमारियां हो सकती हैंः-

  • मुंह से Smell आना और दांतों का कमजोर होना :- जब शरीर में Vitamin-C की कमी हो जाती है तो इसके परिणाम के रूप में मुंह से दुर्गंध आने लगती है। दांत कमजोर होने लगते हैं। इन लक्षणों के सामने आने पर आपको चिकित्सक से सम्पर्क करना चाहिए।
  • त्वचा का रूखापन और चेहरे पर झुर्रियां आना :- Vitamin-C की कमी से शरीर के अंगों में रूखा-पन आ जाता है। त्वचा रूखी हो जाती है, और चेहरे तथा आंखों के आस-पास झुर्रियां होने लगती हैं। अगर आपके शरीर में घाव है या कहीं चोट लगी है तो Vitamin-C कमी के कारण बीमारी को ठीक होने में देरी होती है। 
  • वायरल संक्रमण, मतली और बुखार आना :- Vitamin-C की कमी होने से सर्दी-जुकाम, वायरल संक्रमण, भोजन का स्वाद न लगना, मतली आने जैसी परेशानियां हो सकती हैं। इसके साथ ही बुखार भी आ सकता है।
  • आंखों की रोशनी कम होना :- Vitamin-C का मुख्य काम आंखों की कोशिकाओं को स्वस्थ रखना है। एक शोध में यह पाया गया है कि आंखों से संबंधित परेशानियां जैसे- कम दिखाई देना या मोतियाबिंद के लक्षण महसूस होने लगे तो ये Vitamin-C की कमी के कारण हो सकते हैं। हालांकि इससे संबंधित किसी प्रमाणिक तथ्य की जानकारी नहीं है। इसलिए जब कभी ये परेशानियां हो तो चिकित्सक से परामर्श लेने के बाद ही Vitamin-C का सेवन करना चाहिए। Vitamin-C के स्रोतः फल और सब्जियां। 
  • कई लोग Vitamin-C के लिए बहुत अधिक संतरे का जूस पीते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि संतरे के जूस के अलावा, आप केवल अपने रोजाना के भोजन से भी पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी प्राप्त कर सकते हैं।
  • सबसे अच्छी बात तो यह है कि इसके लिए आपको बहुत अधिक परेशान होने या ज्यादा पैसे खर्च करने की जरूरत भी नहीं है बल्कि इससे संबंधित सभी चीजें आप अास-पास के बाजार में कम कीमत पर ही खरीद सकते हैं।



 #  Vitamin-C के लाभ :-

Vitamin-C deficiency cause, symptoms and remedies in hindi
आपने कई बार सुना होगा कि, विटामिन सी शरीर के लिए बहुत ही आवश्यक होता है, लेकिन शायद आपको इसकी जानकारी नहीं होगी कि Vitamin-C की पर्याप्त मात्रा से शरीर को क्या-क्या फायदे हो सकते हैं। Vitamin-C में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो आपकी हड्डियों, मांसपेशियों और रक्त वाहिकाओं को दुरुस्त रखता है। इसके अलावा यह शरीर में आयरन के अवशोषण में मदद पहुंचाने और कोलेजन बनाने में भी सहायता करता है। इसके साथ ही Vitamin-C के और भी बहुत फायदे हैं।


Vitamin-C की खास बात यह है कि इसे बनाया नहीं जा सकता, बल्कि शरीर के अंदर ही इसका स्वनिर्माण होता है। शरीर में पर्याप्त मात्रा में Vitamin-C की उपलब्धता से आपका शरीर अनेक बीमारियों से सुरक्षित रहता है। यह शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ त्वचा में रौनक लाने का काम भी करता है। इसके साथ-साथ Vitamin-C की पर्याप्त मात्रा से निम्न प्रकार के फायदे होते हैं :-



 #  Vitamin-C के फायदे :-

Vitamin-C शरीर और त्वचा के लिए निम्न प्रकार से फायदेमंद हो सकता हैः-
  • Vitamin-C से होती है त्वचा की सुरक्षा :- Vitamin-C के कारण रक्त वाहिकाओं की संरचना होती है और रक्त वाहिकाओं द्वारा आपकी त्वचा तक प्रोटीन का पहुंचना आसान हो जाता है। यह स्किन के सूखे या रूखेपन को ठीक करता है तथा स्किन की नमी को बनाए रखता है, जिससे त्वचा स्वस्थ बनी रहती है और आपके चेहरे पर झुर्रियां नहीं आती। विटामिन सी चेहरे एवं आँखों पर आने वाली झुर्रियों को रोकने में सक्षम होता है।
  • त्वचा को नमी देता है :- Vitamin-C त्वचा की नमी को बरकरार रखकर आपकी त्वचा को मुलायम बनाए रखता है। इसमें उपलब्ध एप्रीकॉट ऑइल त्वचा को जरूरी पोषक तत्व देता है।
  • जल्द भरते हैं घाव :- Vitamin-C के अंदर एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो शरीर में होने वाले घाव, जख्म या चोट को जल्द ठीक करने का काम करते हैं।
  • Strong होती है रोग प्रतिरक्षा शक्ति :- Vitamin-C आपके शरीर की प्रतिरक्षा शक्ति को मजबूत बनाती है जिसके कारण शरीर संक्रमण मुक्त रहता है। इसके अलावा विटामिन सी खाद्य पदार्थों से आयरन ( Iron ) का अवशोषण करने के साथ-साथ, त्वचा की रक्षा के लिए कोलेजन ( Collagen ) के संश्लेषण ( Synthesis ) का भी काम करता है। यह शरीर के विषाक्त या हानिकारक पदार्थों को नष्ट कर उसे बाहर निकालने में भी सहायता करता है।
  • सूरज की किरणों से Skin की रक्षा :- वर्तमान में दूषित और हानिकारक वातावरण के कारण आपके शरीर को कई तरीकों से नुकसान पहुंचता है। इसका आपके शरीर के बाहरी एवं अंदरूनी भाग पर व्यापक दुष्प्रभाव पड़ता है। इन दुष्प्रभावों के कारण सबसे पहले असर आपकी त्वचा पहुंचता है। इसके साथ-साथ सूर्य से आने वाली हानिकारक किरणें भी आपकी Skin को नुकसान पहुंचाती हैं। Photo Chemical Reaction के कारण हमारा डीएनए खराब होने लगता है। विटामिन सी इन सभी परेशानियों से हमें राहत पहुंचाता है। 
  • हड्डियों को भी मजबूत बनाता है :- Vitamin-C हड्डियों को स्वस्थ रखने का काम करता है। इसकी पर्याप्त मात्रा हड्डी से जुड़े विकारों को सही कर उसे मजबूती देता है। आप हड्डी से संबंधित बीमारी की स्थिति में चिकित्सक से परामर्श लेकर Vitamin-C का सेवन कर सकते हैं।
  • बढ़ती उम्र में त्वचा को रखता है स्वस्थ :- बढ़ती उम्र में शरीर में ग्लाइकोस अमिनोग्लाइकन्स की कमी होने लगती है और इससे त्वचा रूखी होने लगती है। Vitamin-C इस परेशानी में राहत ( Relief ) पहुंचाता है। यह शरीर में नमी की मात्रा को बनाए रखता है और झुर्रियां कम करती है, जिससे बढ़ती उम्र के लक्षण कम नजर आते हैं।
  • मसूड़ों को स्वस्थ रखना :- शरीर में Vitamin-C की पर्याप्त मात्रा से मसूड़ों में होने वाला रक्तस्राव ( Bleeding ) जैसी समस्याएं नहीं होती हैं।
  • High blood pressure को कम करना :- वर्तमान में कई लोग उच्च रक्तचाप की समस्या से ग्रस्त हैं। एक शोध के अनुसार विटामिन सी उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है। 



 #  Vitamin-C क्या काम करता है ?

Vitamin-C में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होता है जो हमारे शरीर के विषाक्त या हानिकारक पदार्थों को नष्ट कर उन्हें बाहर निकालने में सहायता करता है। इससे हमारे शरीर की प्रतिरक्षा शक्ति मजबूत होती है और संक्रमण का जोखिम कम हो जाता है।

इसके अलावा Vitamin-C आयरन का अवशोषण करने के साथ-साथ त्वचा की रक्षा और कोलेजन बनाने में भी मदद करता है। इतना ही नहीं Vitamin-C शरीर के घाव को भी भरता है और हड्डियों को मजबूत बनाए रखता है। अगर शरीर में Vitamin-C की कमी हो जाए तो व्यक्ति को कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं।


 #  विटामिन सी के स्रोत :-

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राष्ट्रीय पोषण संस्थान (नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ न्यूट्रिशन) द्वारा निर्धारित मात्रा के बराबर Vitamin-C लेने और स्वस्थ बने रहने के लिए आपको अपने खाद्य पदार्थों में रोज ताजे फल और सब्जियों को शामिल करना चाहिए।

इसके लिए आप अनेक तरह के फलों एवं सब्जियों से रोजाना लेने वाले आहार की सूची में शामिल कर सकते हैं। इससे आपका भोजन भी स्वादिष्ट हो जाएगा और आपको पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी भी मिल जाएगा।

फलों एवं सब्जियों के अलावा कई अन्य वनस्पतियों में भी Vitamin-C प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। भारत या वैसे स्थान जहां वनस्पतियों की प्रचुरता है वहां लोगों के लिए Vitamin-C का साधन औषधीय जड़ी बूटी जैसे- रोज हिप्स टिंचर्स, पाइन निड्डल और पेड़ की छाल के टिंचर होते हैं।


 #  Vitamin-C के शाकाहारी स्रोत :-

विटामिन सी युक्त फलों की सूची :-
  • Gooseberry (आंवला) – 600 mg
  • अमरूद – 222 mg
  • नारंगी का जूस (¾ कप) – 93 mg
  • बेर- 76 mg
  • 1 नारंगी (मध्यम आकार का) – 70 mg
  • अंगूर का जूस (¾ कप) – 70 mg
  • 1 कीवी (मध्यम आकार का) – 64 mg
  • ताजा कटा हुआ स्ट्रॉबेरी (½ कप) – 49 mg
  • नींबू – 48.1 mg


 #  Vitamin-C युक्त सब्जियों की सूची :-

  • शिमला मिर्च (लाल, हरी) – 120 mg
  • हरी मिर्च – 112 mg
  • सहजन की पत्तियां – 108 mg
  • पका हुआ ब्रोकोली (½ कप) – 51 mg
  • पका हुए ब्रसेल्स स्प्राउट (½ कप) – 48 mg
  • गोभी, बैंगनी – 43.4 mg
  • कच्चा ब्रोकोली ( ½ कप) – 39 mg
  • टमाटर का जूस (¾ कप) – 33 mg
  • पकाया हुआ गोभी (½ कप) – 28 mg
  • कच्चा फूलगोभी (½ कप) – 26 mg
  • 1 मध्यम आकार का आलू – 17 mg
  • 1 मध्यम आकार का कच्चा टमाटर – 17 mg
  • पका हुआ पालक (½ कप) – 9 mg
  • हरी मटर (½ कप) – 8 mg
  • विटामिन सी की खुराक

राष्ट्रीय पोषण संस्थान (नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ न्यूट्रिशन) के अनुसार, किस व्यक्ति को रोजाना कितने मिलीग्राम विटामिन सी की जरूरत होती है, यह उसकी उम्र और शारीरिक स्थिति पर निर्भर करती है। भारतीय जनसंख्या के लिए अनुशंसित आहार सामग्री (आरडीए)  इस प्रकार हैः-

  • नवजात शिशु (आयु वर्ग: 0-12 माह): रोजाना 25 mg
  • शिशु (आयु वर्ग: 1-9 वर्ष): रोजाना 40 mg
  • किशोरावस्था (आयु वर्ग: 10-18 वर्ष):  रोजाना 40 mg
  • वयस्क पुरुष एवं महिला (18 से 60 वर्ष): रोजाना 40 mg
  • गर्भवती (प्रेगनेंट) महिला: रोजाना 60 mg
  • स्तनपान कराने वाली महिलाएं (0-12 माह): रोजाना 80 mg 
  • Vitamin-C की अधिकता से होने वाली बीमारी


एक रिसर्च के मुताबिक पता चला है कि विटामिन सी की अधिकता से शरीर की धमनियां कठोर हो जाती हैं जिससे हार्ट अटैक या स्ट्रोक का जोखिम हो सकता है। हालांकि इस बात का अब तक कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिला है। इन स्रोतों में प्रचुर मात्रा में विटामिन सी होता है और अच्छी बात यह है कि इनकी बहुत कम कीमत होती है। ये  बाजार में आसानी से मिल जाते हैं। इसलिए इनका सेवन कर आप विटामिन सी की पूर्ति कर सकते हैं। इसमें निर्धारित 100 mg खाद्य पदार्थ संबंधी उल्लेख राष्ट्रीय पोषण संस्थान (नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ न्यूट्रिशन) के अनुसार किया गया है।




 #  Conclusion 

अब आपको विटामिन सी की कमी के कारण, उसके लक्षण और होने वाली बीमारी के बारे में पूरी जानकारी मिल चुकी है। इसलिए नियमित तौर पर फलों और सेवन करें ताकि विटामिन सी आपके शरीर में पर्याप्त मात्रा में मौजूद रहे। यह ध्यान रखें कि अगर आप विटामिन सी के सप्लीमेंट्स का सेवन करना चाहते हैं तो सेवन से पहले चिकित्सक से परामर्श जरूर लें।

 #  Last Words :-

उम्मीद है आपको इस Article ( Vitamin -C की कमी के कारण, लक्षण और उपाय in hindi ) के माध्यम से कुछ न कुछ जरूर सिखने को मिला होगा। अगर हाँ तो अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। और इस लेख को अपने मित्रों के साथ अवश्य शेयर करें। ताकि आपके जरिए उनकी भी स्वास्थ्य को Maintain रखने में हेल्प हो सके। हम मिलेंगें आपसे Next Valuable Article के साथ तब तक के लिए खुश रहिए और स्वस्थ रहिए। धन्यवाद।

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