Advantages and disadvantages of abortion pills in hindi - गर्भपात की गोली खाने के फायदे नुकसान और इस्तेमाल करने का तरीका ।

Advantages and disadvantages of abortion pills in hindi

advantages and disadvantages of abortion pills in hindi.
अनचाहे( unwanted ) गर्भ के बारे में पता चलते ही हर औरत के मन में कई सवाल उठते हैं। जैसे कि क्या इस समय उन्हें गर्भपात की पिल्स लेनी चाहिए है? या फिर उन्हें Medical termination of pregnancy (MTP) कराने की जरुरत है ? गर्भपात की गोली के Side effect क्या हैं ? हालांकि अभी अपने देश की औरतों में गर्भपात ( Abortion ) के सभी Options और इसके कानून से जुड़ी जागरूकता बहुत कम है। अगर आप भी अनचाहे गर्भ के बारे में सोच कर परेशान हैं तो इस लेख में आपको गर्भपात से जुड़े सभी सवालों के जवाब मिल जाएंगे। आगे हम चर्चा करने जा रहे गर्भपात ( Abortion ) से जुड़े सभी पहलुओं के बारे इस ( गर्भपात( Abortion ) की Tablet इस्तेमाल का तरीका, फायदे और नुकसान ) Article के माध्यम से :-


Table of Content :-
  1. एमटीपी( MTP )क्या है ?
  2. कौन सी महिलाएं मेडिकल अबॉर्शन करवा सकती हैं - Which women can get medical abortion in hindi.
  3. अबॉर्शन कैसे किया जाता है - How is abortion done in hindi.
  4. गर्भपात की गोली ( Pills ) खाने के बाद क्या होता है - What happens after eating abortion pills in hindi.
  5. गर्भपात की गोली को इस्तेमाल करने का तरीका क्या है - What is the procedure for using abortion pill in hindi.
  6. क्या गर्भपात की गोली के साइड इफेक्ट भी होते है - Are there side effects of abortion pill in hindi.
  7. एमटीपी से क्या-क्या समस्याएं हो सकती हैं - What are the problems with MTP in hindi.
  8. गर्भपात के बाद देखभाल - Care after abortion in hindi.
  9. गर्भपात के बाद ध्यान देने वाली बातें - Things to look after after abortion in hindi.



 #  एमटीपी( MTP )क्या है?

MTP एक दवा है जो Abortion कराने के लिए इस्तेमाल की जाती है। इसके इस्तेमाल को लेकर Government द्वारा एक कानून बनाया गया है जिसे चिकित्सकीय गर्भ समापन कानून (Medical Termination of Pregnancy Act) नाम से जाना जाता है। इस कानून के Under यह बताया गया है कि कोई भी भारतीय महिला किन परिस्थितियों ( Circumstances ) में गर्भपात करवा सकती है।


 #  कौन सी महिलाएं मेडिकल गर्भपात करवा सकती हैं? 

एमटीपी भारत में महिलाओं के लिए प्रजनन से जुड़ा स्वास्थ्य अधिकार है। कोई भी महिला निम्न परिस्थितियों में एमटीपी करवा सकती है।


 #  अबॉर्शन कैसे किया जाता है ?

आमतौर पर गर्भपात के लिए दो तरीके अपनाये जाते हैं।

1- मेडिकल अबॉर्शन : इसमें दवाइयों की मदद से गर्भपात किया जाता है।

2- सर्जिकल अबॉर्शन : इसमें गर्भपात के लिए डाइलेशन और एवेक्युलेशन (D&E) प्रक्रिया अपनाई जाती है।

भारत में गर्भपात को लेकर सख्त कानून हैं जिसमें गर्भपात समय सीमा निर्धारित की गयी है। इसके अनुसार गर्भधारण के सात हफ़्तों के अंदर महिला को बिना एडमिट किये उसका मेडिकल अबॉर्शन कराया जा सकता है। इस मामले में महिला, डॉक्टर द्वारा बताई गयी दवाइयों का सेवन घर पर रहकर कर सकती है। सात हफ़्तों के बाद इसे चिकित्सकीय देखरेख में ही किया जाना चाहिए और इसके लिए महिला को एक दिन के लिए हॉस्पिटल में Admit होना पड़ता है। ऐसा इसलिए क्योंकि सात हफ़्तों के बाद अबॉर्शन करवाने पर महिला को कुछ समस्याएं होने का खतरा रहता है।


 #  गर्भपात की गोली ( Pills ) खाने के बाद क्या होता है ?

गर्भपात की गोली या एबॉर्शन पिल्स हमेशा डॉक्टर की सलाह के बाद ही लेनी चाहिए। आइये जानते हैं कि यह दवा किस तरह काम करती है।


 #  गर्भपात की गोली को इस्तेमाल करने का तरीका क्या है?

महिलाओं को दो अलग तरह की गोलियां लेनी पड़ती हैं। पहली गोली डॉक्टर की देखरेख में लेने के 36-48 घंटों के बाद दोबारा दूसरी गोली लेने के लिए डॉक्टर के पास आना पड़ता है।

पहली गोली गर्भपात के लिए गर्भाशय को तैयार करती है। आपको बता दें कि सर्विक्स (गर्भाशय ग्रीवा), गर्भ में विकसित हो रहे भ्रूण को सहारा देती है और यह दवा उस सर्विक्स को नरम करती है। इसके अलावा यह प्रोजेस्टेरोन को रोकती है और गर्भाशय के सतह को तोड़ देती है। वहीं दूसरी गोली गर्भाशय को सिकुड़ने में मदद करती है जिससे भ्रूण के साथ यूटेराइन लाइनिंग बाहर निकल जाती है।

आमतौर पर गर्भपात की गोलियों को गर्भावस्था के शुरूआती हफ़्तों में ही लेने की सलाह दी जाती है इसके बाद में फिर सर्जिकल अबॉर्शन को ही उचित माना जाता है। हालांकि मेडिकल अबॉर्शन गर्भावस्था के 20 हफ़्तों तक मान्य है लेकिन एमटीपी एक्ट के अनुसार 12 हफ़्तों के बाद आप कम से कम दो गायनकोलॉजिस्ट की सलाह के बाद ही ऐसा करवा सकती हैं।



 #  क्या गर्भपात की गोली के Side Effect भी होते है ?


  • जी हां, गर्भपात की गोली के नुकसान भी कई हैं और हर महिला को इसकी जानकारी जरुर होनी चाहिए। आइये कुछ प्रमुख दुष्प्रभावों के बारे में जानते हैं। 
  • जी मिचलाना, उल्टी और डायरिया जैसे दुष्प्रभाव मेडिकल एबॉर्शन के कुछ दिन बाद ही अपने आप ठीक हो जाते हैं। अगर ये लक्षण जारी रहते हैं तो अपने नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें। 


 #  एमटीपी से क्या-क्या समस्याएं हो सकती हैं? 

  • एबॉर्शन फेल होना :- कभी कभी गर्भपात की गोलियां ठीक से असर नहीं कर पाती हैं जिस वजह से गर्भावस्था जारी रहती है। हालांकि इन परिस्थितियों में गर्भावस्था जारी रखने पर भ्रूण में असमान्यताएं होने का बहुत अधिक खतरा रहता है। इसलिए ऐसे मामलों में महिला को सर्जिकल अबॉर्शन करवाना चाहिए।  
  • एलर्जी :- कुछ महिलाओं को इन गर्भपात की गोलियों में मौजूद सक्रिय यौगिकों से एलर्जी भी हो सकती है। जिसकी  वजह से एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है साथ ही गर्भपात के फेल होने का खतरा बढ़ सकता है। अगर इनके सेवन से आपको किसी तरह की एलर्जी या स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्या होती है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। अबॉर्शन पिल्स के इस्तेमाल से यूटेरस में संक्रमण होने का खतरा बहुत कम मामलों में देखने को मिलता है। गर्भपात कराने के कुछ दिनों बाद डॉक्टर के पास जाकर यह सुनिश्चित कर लें कि गर्भपात पूरी तरह ठीक से हुआ है या नहीं। इन सबके अलावा इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सेक्स ना करें क्योंकि उससे संक्रमण हो सकता है। 


 #  गर्भपात के बाद देखभाल :  

  1. MTP कराने के दो हफ़्तों के बाद गर्भपात ठीक से हुआ है या नहीं इसे सुनिश्चित करने के लिए अल्ट्रासाउंड जरुर करवाएं। 
  2. अगर एबॉर्शन पिल फेल हो गयी है या बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो रही है तो ऐसे में वैक्यूम एस्पिरेशन द्वारा एबॉर्शन के लिए तैयार रहें। 
  3. अगर एक घंटे में दो बार से ज्यादा पैड बदलना पड़ रहा है या बहुत ज्यादा ब्लीडिंग के साथ बुखार और क्रैम्प की समस्या है तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। 
  4. गर्भपात के बाद अगर बुखार नहीं खत्म हो रहा है तो यह दर्शाता है कि वहां संक्रमण हो गया है और इसे दवाइयों की मदद से ठीक करने की जरुरत है। 
  5. जब तक ब्लीडिंग पूरी तरह से रुक ना जाए तब तक संबंध बनाने से परहेज करें। 
  6. गर्भनिरोधक : जब यह सुनिश्चित हो जाए कि गर्भपात ठीक ढंग से हो गया है तो इसके बाद आप गर्भनिरोधक जैसे कि आईयूडी का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि संक्रमण मौजूद होने पर ऐसा न करें। गर्भपात के बाद जब महिलाऐं सेक्सुअली सक्रिय हो जाएँ तो उस दौरान कंडोम का इस्तेमाल कर सकते हैं। 


 #  गर्भपात के बाद क्या सावधानी बरतनी चाहिए ? 

  1. गर्भपात की गोली कभी भी सीधे मेडिकल स्टोर से ना खरीदें। इन्हें हमेशा डॉक्टर की सलाह के बाद ही इस्तेमाल करें। 
  2. कुछ मामलों में Intra Uterine Device (IUD) के फेल होने की वजह से भी प्रेगनेंसी हो सकती है। ऐसे मामलों में महिलाएं गर्भपात की गोलियां ले सकती हैं लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि दवाइयां लेने से पहले उन डिवाइस को डॉक्टर की मदद से हटा लें। 
  3. किसी भी प्रेगनेंसी टेस्ट से सिर्फ प्रेगनेंसी का ही पता चलता है लेकिन इस बारे में पता नहीं चलता है कि भ्रूण गर्भाश्य के अंदर है या बाहर। इसलिए एमटीपी कराने से पहले अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह दी जाती है जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि भ्रूण गर्भाश्य के अंदर ही है। 
  4. अगर भ्रूण गर्भाश्य के बाहर है जैसे कि भ्रूण फैलोपियन ट्यूब से चिपक गया हो तब ऐसे मामलों में गर्भपात के लिए मेडिकल अबॉर्शन की सलाह नहीं दी जाती है।  
  5. गर्भपात के बाद मासिक धर्म में अनियमितताएं देखने को मिलती हैं। गर्भपात के बाद पहले पीरियड में ज्यादा या कम ब्लीडिंग हो सकती है। आपको यही सलाह दी जाती है कि इस बारे में स्त्री रोग विशेषज्ञ से पूरी जानकारी लें। 
  6. अगर कोई अंदरुनी ऐसी गंभीर समस्या ना हो जिसका इलाज ना हुआ हो तो भविष्य में गर्भवती होने में कोई खतरा नहीं होता है। लेकिन फिर भी यह सलाह दी जाती है कि ट्रीटमेंट के बाद होने वाली समस्याओं के बारे में पूरी जानकारी अपने डॉक्टर से लें।


 #  निष्कर्ष :-

उम्मीद करते है आपको Abortion pills के बारे में काफी कुछ सिखने को मिला होगा। एक और जरूरी बात जो आपको जरूर फॉलो करनी चाहिए, आपको एबॉर्शन पिल्स डॉक्टर की सलाह से ही लेनी चाहिए। क्योंकि डॉक्टर आपके हालात के अनुसार आपको एबॉर्शन की पिल्स का सेवन करने को कहता है। और अगर पिल्स के सेवन से कोई समस्या आती है तो डॉक्टर आपकी समस्या को दूर करने में आप मदद करेंगें। इसलिए एबॉर्शन पिल्स हमेशा चिकित्सक से सलाह करके ही लें।

Final Words :-

I hope के आपको ये ( Advantages and disadvantages of abortion pills in hindi )
Article अच्छा लगा होगा। अपने Opinion comment box में जरूर बताएं। 

और हाँ अगर आप Health से जुड़े ऐसे ही Articles की सूचना 
सबसे पहले पाने चाहते है तो इस साइट को सब्सक्राइब कर लीजिए। 
ताकि आप स्वास्थ्य से जुड़ा कोई भी Article Miss न कर पाएं।  
धन्यवाद। 

Post a Comment

0 Comments

All Rights Reserved - Hashwh.com - 2018