रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) के लक्षण और उपचार - Menopause:- Symptoms, causes, and treatments in hindi.

रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) के लक्षण और उपचार

Menopause: Symptoms, causes, and treatments in hindi
कुदरती रूप से जब औरतो में मासिक धर्म चक्र पूरी तरह बंद हो जाता है तो उस स्थिति को रजोनिवृति (Menopause) कहते हैं। रजोनिवृति (Menopause) में महिलाएं मां बनने की क्षमता खो देती है। महिलाओं के लिए शरीर की ये अवस्था उसके लिए शारीरिक और मानसिक तौर पर बहुत सारे बदलाव लाती है। लेकिन ये कोई बीमारी नहीं बल्कि शरीर की सामान्य गतिविधि है जो उम्र के साथ आती है। इसके लिए बिना Stress लिए समझदारी से संभलने की जरूरत होती है।

 #  रजोनिवृत्ति क्या हैWhat is menopause in hindi.

रजोनिवृत्ति (Menopause) में मासिक धर्म (Periods) का जो चक्र है वह बाधित होता है। साथ ही वह प्राकृतिक रूप से गर्भवती (Pregnant)  नहीं हो पाती है। उम्र के बढ़ने के साथ रजोनिवृत्ति होना बहुत सामान्य होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि Female Sex Hormone का Function उम्र के साथ कमजोर होने लगता है। अंडाशय, अंडा निष्कासित (Expelled) करना बंद कर देता है। इससे कारण मासिक चक्र भी नहीं होता है। महिलाओं में इन सब कारणों से गर्भधारण की क्षमता भी नगण्य (Negligible) हो जाती है। इसका मतलब ये नहीं कि अचानक आपको रजोनिवृत्ति (Menopause) हो जाएगी। ये प्रक्रिया धीरे-धीरे होती है और जब पूरी तरह Menopause का समय आता है तब Periods होना बिल्कुल बंद हो जाता है। जब तक पीरियड्स बंद न हो, उसके पहले महिलाओं की गर्भवती होने की संभावना बनी रहती है।

 #  रजोनिवृत्ति क्यों होती है - Why is menopause in hindi. 

अधिकतर महिलाओं में मासिक धर्म के आखिरी तारीख के लगभग चार साल पहले से Menopause के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। कुछ महिलाओं को मेनोपॉज होने के एक साल पहले ही इसके लक्षण नजर आ सकते हैं। इन लक्षणों का दिखना महिलाओं की शारीरिक स्थिति पर निर्भर करता है। Menopause होने के कई साल पहले से शरीर एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन का निष्कासन (Expelled) करना धीरे-धीरे कम करने लगता है। ये Hormone मासिक धर्म होने और गर्भधारण करने में मदद करते हैं। इसके कमी से पीरियड्स होना बंद हो जाता है और मां बनने की क्षमता भी खत्म होने लगती है।

  रजोनिवृत्ति की उम्र कब आती है - When does the age of menopause in hindi. 

भारत में महिलाओं में रजोनिवृत्ति की उम्र आम तौर पर 45-50 के बीच होती है। लेकिन, सर्जरी या कैंसर होने पर समय से पहले अगर अंडाशय (Ovary) और गर्भाशय को निकालना पड़ा तो समय से पहले Menopause हो सकता है।

पेरिमेनोपॉज (Perry Menopause) यानि मेनोपॉज के पहले पीरियड्स का अनियमित होना शुरू होता है और मेनोपॉज में पीरियड्स होना बिल्कुल बंद हो जाता है। पोस्टमेनोपॉज (Post menopause) की अवस्था मेनोपॉज के बाद ही आती है। Perry Menopause 40 की उम्र के मध्य से आम तौर पर शुरू हो जाता है। लेकिन कुछ महिलाओं में ये अवस्था आती ही नहीं बल्कि वह सीधे मेनोपॉज में चली जाती है।

 #  रजोनिवृत्ति के संकेत और लक्षण - Signs and symptoms of menopause in hindi. 

वैसे Menopause से जुड़े ज्यादातर लक्षण Perry Menopause की अवस्था के दौरान ही महसूस होने लगते हैं। इस अवस्था में कुछ महिलाओं को कष्ट होता है तो कुछ को नहीं।

जैसा कि पहले ही कहा गया है कि मेनोपॉज अचानक नहीं होता है, धीरे-धीरे समय के साथ होता है। जिसमें शुरू-शुरू के लक्षण होते हैं :-
  • अनियमित मासिक धर्म - नियमित मासिक धर्म का जो चक्र होता है उसमें परिवर्तन आने लगता है
  • हॉट फ्लाश महसूस होना- अचानक-अचानक हद से ज्यादा गर्मी महसूस होने लगती है।
  • रात को पसीने से तर-बतर होना- गर्मी न होने पर भी रात को नींद में हद से ज्यादा पसीना आना।

इसके साथ ही कई और लक्षण भी महसूस होते हैं-

  • मूड का बदलना
  • अवसाद (Depression)
  • चिड़चिड़ापन
  • चिंता
  • नींद नहीं आना
  • एकाग्रता की कमी (कंसन्ट्रेशन में प्रॉब्लम)
  • थकान
  • सिरदर्द

वैसे तो ये लक्षण एक साल या उससे भी ज्यादा दिनों तक आमतौर चलता रहता है लेकिन Periods के बंद होने के साथ-साथ ये लक्षण धीरे-धीरे कम होने लगते हैं और फिर ठीक हो जाते हैं। मेनोपॉज के बाद सेक्स हार्मोन के कम हो जाने के कारण कुछ लक्षण नजर आने लगते है।

  1. गर्भपात की गोली के फायदे और नुकसान। 
  2. बांझपन के मुख्य कारण। 

 #  डॉक्टर कैसे निर्धारित करते हैं कि Menopause हु है ?

वैसे तो, Periods बंद हो जाने पर मेनोपॉज का पता चल जाता है। लेकिन समय से पहले हुआ तो चिकित्सक Periods बंद होने के दूसरे कारणों का पता लगाने के बाद ही इस बात की पुष्टि करते हैं। इसके अलावा आपके स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखकर डॉक्टर Blood Test करने की सलाह भी दे सकते हैं जैसे-

1. क्या मेनोपॉज होने पर प्रेगनेंसी हो सकती है?

Perry Menopause के दौरान ये कहना मुश्किल होता है कि कब Periods होगा , Flow कम होगा या ज्यादा होगा। लेकिन जब तक Periods हो रहा है गर्भधारण (Pregnant) होने की संभावना को पूरी तरह से इनकार नहीं किया जा सकता है।

2. क्या Menopause होने पर Orgasm हो सकता है ?

ये सच है कि Menopause सेक्स लाइफ को प्रभावित करती है। क्योंकि Menopause के दौरान टेस्टास्टेरोन और एस्ट्रोजेन लेवल दोनों का स्तर गिरता है जिसके कारण सेक्स की इच्छा भी कम होने लगती है। लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि स्थिति को बेहतर नहीं बनाया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि जितना जल्दी हो सके डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। वह आपकी असुविधा को समझकर उसके अनुसार Sex therapist या Marital counseling की सलाह दे सकते हैं। इससे सेक्स लाइफ संबंधी सभी समस्याएं जैसे Libido (sexual desire) औरorgasm का सुख न मिलने की Problem को संभाला जा सकता है।

3. Menopause के लक्षणों को कैसे Control करें 

अगर Menopause के लक्षण समय के साथ कम नहीं हो रहे हैं और ये आपके रोजमर्रा के जीवन को बेहद बुरी तरह से प्रभावित कर रहा है। तो ट्रीटमेंट की जरूरत होती है। Hormone therapy से इस स्थिति को संभाला जा सकता है। जैसे-

  • Hot flush. 
  • रात में पसीना आना। 
  • वैजाइनल एट्रॉपी (Vagina का शुष्क हो जाना)
  • Osteoporosis (हड्डी कमजोर हो जाना)
  • मेनोपॉज के दूसरे लक्षणों के लिए दवाईयां भी दी जाती है-
  • अनिद्रा (Insomnia) के लिए Sleep Medication 
  • Dry eye के लिए ट्रॉपिकल लुब्रिकेंट और एन्टी इंफ्लैमटोरी एजेन्ट्स
  • बाल झड़ने के लिए ट्रॉपिकल मिनोऑक्सिडी
  • यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन ठीक करने के लिए प्रोफाइलैक्टिक एंटीबायोटिक्स
  • नॉन हार्मोनल वैजाइनल Moisturizer. 

 #  लाइफस्टाइल में बदलाव और घरेलू उपचार 

Menopause के लक्षणों को Lifestyle और Diet में बदलाव लाकर या वैकल्पिक दवाओं के माध्यम से कुछ हद तक नियंत्रण में लाया जा सकता है जैसे :-

1. आरामदायक और शरीर को ठंडा रखने की कोशिश करें। 

रात को अगर बहुत पसीना आता है तो नहाकर सोने जाएं। हल्के आरामदायक कपड़े पहनें। अगर संभव हो तो Bedroom को ठंडा रखे।

2. व्यायाम करें और वजन को कंट्रोल में रखें। 

वजन को कंट्रोल में रखने के लिए अपने रोज के कैलोरी इनटेक को कम करने की कोशिश करें। रोज 20-30 मिनट तक व्यायाम जरूर करें। इससे आपको Energy मिलेगी, नींद अच्छी आएगी, आप अच्छा महसूस करेंगी और सेहतमंद रहेंगी।

3. अवसाद (Depression), तनाव (Stress) को कैसे नियंत्रण करें। 

Menopause के दौरान Depression, तनाव, अकेले रहने की आदत और अनिद्रा जैसी समस्याएं हो रही हैं तो मनोचिकित्सक (Psychologist) या Therapist से बात करें। साथ ही ये भी जरूरी है कि आप घर के सदस्यों, दोस्तों और अपनों से अपनी समस्या का जिक्र करें ताकि वह आपकी मदद कर सके।

4. मन को शांत करने का उपाय।

Menopause के दौरान सबसे ज्यादा मन अशांत और विचलित रहता है, जिसके कारण डिप्रेशन, उदासी या मन में बेचैनी-सी छाई रहती है, हर बात पर चिड़चिड़ापन, बार-बार गुस्सा आना या अपने गुस्से पर से नियंत्रण खो जाने की भी नौबत आ जाती है। इसके लिए जरूरी है कि आप योगा या ध्यान किया करें। इससे मन को कुछ हद तक शांत किया जा सकता है।

5. आहार में सप्लीमेंट। 

ऑस्टियोपोरोसीस (Osteoporosis), अनिद्रा और थकान जैसे समस्याओं को कंट्रोल करने के लिए Doctor से सलाह लें और उनके अनुसार कैल्शियम, विटामिन डी और मैग्निशियम के Supplement लें

6. स्मोकिंग और अल्कोहल का सेवन न करें।


अगर आपने सिगरेट और शराब पीना नहीं छोड़ा तो ये रजोनिवृत्ति के दौरान के लक्षणों को और भी बुरी अवस्था में ले जा सकती है। इसलिए इन दोनों के सेवन से बचें।

7. डायट में पौष्टिक खाद्द पदार्थों और नैचुरल Supplement शामिल करें। 

आहार में कुछ पौष्टिक खाद्द पादर्थों या नैचुरल सप्लीमेंट्स को शामिल कर Menopause के लक्षणों को कुछ हद तक नियंत्रण में रखा जा सकता है । जैसे-
  1. सोया (सॉय)
  2. अलसी
  3. मेलाटोनीन
  4. विटामिन-E

 #  Conclusion :-


असल में Menopause के लक्षणों को कंट्रोल में करने के लिए आपको अपनी सेहत का सही तरह से ख्याल रखने की जरूरत है। इससे आप मानसिक और शारीरिक तौर पर स्वस्थ रह सकते हैं। और उपर दिए गए चरणों को पढ़कर अब आपको Menopause के बारे में जानकारी मिल ही गई होगी। उम्मीद है आपको ये Article रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) के लक्षण और उपचार - ( Menopause:- Symptoms causes and treatments in hindi ) पढ़कर Menopause के बारे काफी कुछ जानने को मिला होगा। अपने Opinion कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं। हम मिलेंगें आपसे एक बार फिर नए और फ्रेश आर्टिकल में। तब तक के लिए खुश रहें और स्वस्थ रहें।

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