Depression mein kya khaaye aur kya nahi - डिप्रेशन के दौरान हमें क्या खाना चाहिए, और क्या नहीं ?

Depression mein kya khaaye aur kya nahi
आज हम जानने वाले है कि आखिर "Depression ke dauran hum kya khaye aur kya nhi ? " जिससे कि हमें डिप्रेशन से निकलने में मदद मिल सके। वैसे डिप्रेशन पर काबू पाना काफी मुश्किल समस्या है, लेकिन अपने परिवार और मित्रगणों में ज्यादा से ज्यादा समय व्यतीत करके और सही खान-पान से आप डिप्रेशन में छुटकारा पा सकते है। सकारात्मक सोचें, अपनी स्थिति को बेहतर बनाने की कोशिश करें। स्वंय पर विशवास रखें और अपना मनोबल न टूटने दें। अपनी उम्मीद को हमेशा कायम रखें। डिप्रेशन के बारे में विस्तारपूर्वक पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें Depression kya hai
चलिए हम जान लेते है कि डिप्रेशन के दौरान हमें क्या खाना चाहिए, और क्या नहीं ? 

⇨ डिप्रेशन में क्या खाएं ?

↪ ब्लूबेरी - Blueberry

ब्लूबेरी में Vitamin-C होता हैं। 100 ग्राम ब्लू बेरी में 9.7 मिलीग्राम Vitamin-C पाया जाता हैं जो की दैनिक जरूरत का 15% के बराबर हैं। ब्लूबेरी में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर को डिप्रेशन से दूर रखने में मदद करते हैं। हफ्ते में दो से तीन बार मुट्ठी भर ब्लूबेरी खाने से तनाव से छुटकारा मिलता है।

बढ़ती उम्र में याददाश्त का कमजोर होना आम बात हो गयी है, लेकिन यदि आप ब्लूबेरी का सेवन करते हैं, तो आपकी याददाश्त कभी कमजोर नहीं हो सकती। इसलिए याददाश्त बढ़ाने के लिए ब्लूबेरी का सेवन भी बेहद जरूरी है।

↪ ग्रीन टी - Green Tea

ग्रीन टी में एमिनो एसिड और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो डिप्रेशन से बचाते हैं। इसलिए जो लोग मुसीबतों से आसानी से हार मान लेते हैं, उन्हें ग्रीन टी जरूर पीनी चाहिए। ग्रीन टी हमारे पुरे शरीर के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होती हैं। इसके सेवन से डिप्रेशन से लड़ने में मदद मिलती हैं।

अमेरिका में की गयी एक Study के मुताबिक जो लोग रोजाना चाय की बजाय ग्रीन टी का सेवन करते है उन्हें टेंशन या तनाव कम रहता है। हमारे मस्तिष्क को सही से काम करने के लिए ग्लूकोज की जरुरत होती है और Green Tea में मौजूद Polyphenol उस जरुरी ग्लूकोज़ की मात्रा को नियंत्रण में रखते है। इसके अलावा हमारे Brain के लिए इस चाय के कई और फ़ायदे है।

↪ नारियल पानी - Coconut Water

कुछ लोगो का मानना है कि नारियल पानी सिर्फ गर्मियों में ही फायदेमंद होता है, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। नारियल पानी किसी भी मौसम में पिया जाए, शरीर के लिए गुणकारी होता है। नारियल पानी में पांच अहम पौष्टिक तत्व होते हैं, जैसे :- Calcium, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, पोटैशियम और सोडियम। इनके अलावा यह एंटीऑक्सीडेंट से भी भरपूर होता है जो "Depression ko kam karne mein" लाभदायक होता हैं।

↪ पालक - Spinach

पालक लगभग हमेशा मिलने वाली सब्जी है। पत्तेदार सब्जी से मिलने वाले फायदों के कारण इन्हे खाने की सलाह हमेशा दी जाती है। पालक में जो गुण पाए जाते हैं, वे सामान्यतः अन्य शाक-भाजी ( Vegetarian ) में नहीं होते। यही कारण है कि पालक स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी है। पालक की पत्तियों में शारीरिक विकास के लिए आवश्यक लगभग सभी पोषक तत्व पाए जाते हैं। मिनरल्स, विटामिन और दूसरे कई Nutrients से भरपूर पालक एक सुपर-फूड है। नियमित रूप से पालक का उपयोग लाभदायक होता है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए जरुरी बहुत से खनिज और विटामिन पालक से प्राप्त हो सकते हैं।

पालक को खाने से भी डिप्रेशन से भी राहत मिलती हैं। इसमें आयरन और मैग्नीशियम होते हैं जो दिमाग को शांत करते हैं और पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं। वैसे भी पालक खाने वाला व्यक्ति कभी बीमार नहीं होता हैं।

↪ टमाटर - Tomatoes

टमाटर खाने से आपका मूड बहुत अच्छा रहता है क्योंकि इसमें लइकोपीन नाम का एंटीऑक्सिडेंट पाया जाता है जो डिप्रेशन से लड़ने में काफी मददगार साबित होता है। एक स्टडी में यह पाया गया है कि जो लोग सप्ताह में 2 से 6 बार टमाटर खाते हैं वे 46% तक कम डिप्रेशन से ग्रस्त होते हैं।

↪ बादाम - Almond

बादाम अपने असीम स्वास्थ्य लाभों के लिए जाना जाता है। और सबसे ज्यादा यह याद्दाश्त को बढ़ाने में मदद के लिए जाना जाता है। बादाम आवश्यक विटामिन और मिनरल जैसे विटामिन ई, जिंक, कैल्शियम, मैग्नीशियम और ओमेगा -3 फैटी एसिड से भरपूर होता है। लेकिन इन सभी पोषक तत्‍वों को अवशोषित करने के लिए, बादाम को खाने से पहले रात भर पानी में भिगोना चाहिए। ऐसा इसलिए क्‍योंकि बादाम के Brown Color के छिलके में टनीन होता है जो पोषक तत्‍वों के अवशोषण को रोकता है।

बादाम में मैग्नीशियम भी बहुत ही अच्छी मात्रा में होता हैं जो डिप्रेशन से लड़ने में सक्षम माना जाता हैं। 100 ग्राम बादाम में 238 मिलीग्राम मैग्नीशियम पाया जाता हैं जो दैनिक जरूरत का 67% हिस्सा हैं।

↪ ओमेगा 3 फैटी एसिड - Omega-3

ओमेगा 3 शरीर के लिए एक अच्छा पॉलीअनसैचुरेटेड फैट (Polyunsaturated Fat) है। यह दिमाग को सुचारु रूप से चलाने, हृदय को सेहतमंद रखने, आंखों से जुड़ी समस्याओं से निजात पाने, तनाव और कैंसर के इलाज में काफी फायदेमंद होता है। हमारा शरीर इस फैटी एसिड का निर्माण नहीं कर सकता, इसलिए हमें अपनी डाइट में इसे जरूर शामिल करना चाहिए।

अगर आप डिप्रेशन महसूस कर रहे हैं तो अपने खाने में ओमेगा-3 फैटी एसिड वाली चीजों को खाना शुरू कर दे। ओमेगा-3 फैटी एसिड आपको मछली, अंडे, अलसी के बीज, सोया, अजमोद, पत्तेदार सब्ज़ी और अखरोट आदि में आसानी से मिल जायेगा।

↪ अंडा - Egg

अंडा दिन की शुरुआत करने के लिए सर्वोत्तम आहार है। इसमें प्रचुर मात्रा में प्रोटीन और एमिनो एसिड होता है। जो हमारे शरीर को ऊर्जा प्रदान करने में सहायता प्रदान करते है। इसमें प्रोटीन और एमिनो एसिड के अलावा भी कई पोषक तत्त्व होते हैं, जैसे विटामिन-ए, विटामिन-बी 12, विटामिन-डी, विटामिन-इ, इत्यादि। यह आपके एनर्जी के लेवल को बनाये रखने में भी मदद करता है।

अंडे में विटामिन-डी मौजूद होने के कारण ये मूड को सुधरने में सक्षम होता है। यह तनाव को दूर करता है और आपके अंदर भावनात्मक संतुलन बनाये रखने में मदद करता है।

अंडे में मौजूद ओमेगा-३ और विटामिन-बी 12 हमारे दिमाग़ के लिए बहुत अच्छा होता है तथा इसके सेवन करने से हमारे दिमाग़ को ज़्यादा काम करने की ताक़त मिलती है।

↪ दही - Curd

दही खाने से भी डिप्रेशन कीसमस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। दही में कुछ ऐसे बैक्टीरिया मौजूद होते है जो आपके मूड को ठीक करने में मददगार होते है। इसके अलावा दही में भरपूर मात्रा में प्रोटीन और कैल्शियम मौजूद होते है जो डिप्रेशन और गुस्से को कम करने में मदद करते हैं।

↪ अखरोट - Walnut

अखरोट हमारी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता हैं। परन्तु क्या आप जानते है कि अखरोट का सेवन आपका Depression भी दूर कर सकता हैं। अखरोट में भरपूर मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड मौजूद होते है जो आपके मूड को फ्रेश रखने में सहायक होते है तथा आपको तनाव से दूर रखते हैं।

↪ अंगूर - Grapes

अगर आप डिप्रेशन जैसी समस्या से बचना चाहते हैं तो अंगूर जरूर खाएं। अंगूर खाने से मनोविकार कम होता है। यह बात एक हालिया शोध में उजागर हुई है। शोधकर्ताओं का कहना है कि भोजन में अंगूर को शामिल करने से मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जबकि अंगूर रहित आहार का सेवन करने वालों को निराशा व हताशा जैसे विकारों के लिए चिकित्सकों की शरण लेनी पड़ सकती है।

↪ साबुत अनाज - Whole Grains

साबुत अनाज में भरपूर पोषण मौजूद होने के कारण यह हमारी सेहत के लिए फायदेमंद होता है। साबुत अनाज में जस्ता, सेलेनियम, तांबा, लौह, मैगज़ीन और मैग्नीशियम आदि शामिल होते हैं। इसके अलावा इसमें विटामिन ई, और विटामिन बी पायें जाते हैं।

यह तो हम सभी जानते हैं कि साबुत अनाज हम सबके लिए कितने फायदेमंद होते हैं। लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि यह डिप्रेशनमें बहुत लाभदायक सिद्ध होते है। इनमें कार्बोहाइड्रेट होता है जो मूड स्विंग्स की परेशानी को रोकता है।

↪ मलाई उतारा दूध - Skim Milk

दिमाग को स्वस्थ और तेज बनाए रखने के लिए मलाई उतारे दूध का सेवन कीजिए। दिमाग को चुस्त बनाए रखने के लिए रोजाना एक गिलास दूध का सेवन फायदेमंद होता है। ऐसा करने से आपकी दिमागी क्षमता तेज होगी। यह कई अध्ययनों में साबित भी हो चुका है कि दूध न सिर्फ पोषक तत्वों से भरपूर होता है, बल्कि इससे बुद्धि पर भी सकारात्मक असर पड़ता है और मानसिक क्षमता बढ़ती है।

मलाई उतारा दूध आसानी से हर घर में मिल जाता है, इसमें प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन डी की सही मात्रा होती है जो डिप्रेशन को दूर रखता है। और अगर आप दूध नहीं पीते हैं तो उसकी जगह आप दूध से बना दही या पनीर भी खा सकते हैं।


⇨ Depression में क्या ना खाएं ?

रिफाइंड शुगर - Refined Sugar

भोजन में रिफाइंड शुगर की उच्च मात्रा स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। शुगर की ज्यादा मात्रा मेटाबॉलिजम को बढ़ाने का काम करती है। जो लोग डिप्रेशन के शिकार होते हैं, उन्हें रिफाइंड शुगर का सेवन नहीं करना चाहिए। शुगर के लेने से न केवल थकान, चिड़चिड़ापन, चक्कर आना, अनिद्रा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है बल्कि यह डिप्रेशन के स्तर को भी बढ़ावा दे सकती है। इसलिए इससे जितना अधिक हो सके परहेज रखें।

 कृत्रिम मिठाई - Artificial Sweets

अगर आप मिठाई खाने के शौकिन हैं, तो इसे तुरंत बंद कर दीजिए या कम कर दीजिए। खास तौर पर यदि आप डिप्रेशन के शिकार हैं। कृत्रिम मिठाई न्यूरोट्रांसमीटर सेरोटोनिन के उत्पादन को अवरुध करती है और सिरदर्द, और अनिद्रा का मुख्य कारण है। एक नए अध्ययन से पता चलता है कि प्रति दिन कृत्रिम मिठाई खाने या पेय पीना स्वास्थ्य समस्याओं के लिए जोखिम को बढ़ाने के लिए पर्याप्त है।

प्रोसेस्ड फूड - Processed Food

आप जैसा खाते हैं, आपका स्‍वास्‍थ्‍य वैसा ही बनता है। नियमित आधार पर संतुलित और पौष्टिक आहार पसंद करना, आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी होता है। लेकिन आप लंच में फलों के ऊपर चिप्‍स खाना और सलाद की बजाय फ्रेंच फ्राईज खाना और नींबू पानी की बजाय डाइट सोडा लेना ज्‍यादा पसंद करते हैं। आप जानते हैं कि प्रोसेस्ड फूड आपकी सेहत के लिए ठीक नहीं है। लेकिन इसके बावजूद आप खुद को इसके सेवन से रोक नहीं पाते। प्रोसेस्ड फूड का सेवन स्वास्थ्य समस्याओं को पैदा करता है। प्रोसेस्ड फूड में ट्रांस वसा, शुगर और सोडियम होता है, जो आपके लिए हानिकारक हो सकता है। White Bread, पास्ता, या स्नैक फूड आदि इसे डिप्रेशन में खाने से जितना हो सके बचना चाहिए। इसके अत्यधिक सेवन से डिप्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।

↪ शराब का सेवन - Drinking Alcohol 

वैसे तो हर कोई इस बात से भली-भांति वाकिफ है कि शराब सेहत के लिए नुकसानदेह होती है। ये बात शराब की बोतल पर लिखी भी होती है बावजूद इसके लोग इन बातों को नजरअंदाज कर शराब का सेवन करते हैं।

शराब का सेवन न केवल आपके घर को बर्बाद करता है बल्कि आपके शरीर को भी काफी नुकसान पहुंचाता है। आपको बता दें कि शराब डिप्रेशन के साथ जुड़े लक्षणों को बढ़ाता है। शराब का ज्यादा सेवन मस्तिष्क की कार्य प्रणाली में रूकावट पैदा करता हैं और डिप्रेशन के मुख्य कारणों में से एक हैं। डिप्रेशन में परहेज के दौरान शराब का सेवन भी बिलकुल बंद कर देना चाहिए।

↪ हाइड्रोजनीकृत तेल - Hydrogenated Oils

हाइड्रोजनीकृत तेल एक साइलेंट किलर है। हाइड्रोजनीकृत वनस्पति तेल खाने से आपके दिल के लिए भी जोखिम भरा होता है और यह सेचुरेटेड वसा लेने से भी बदतर हो सकता है। डिप्रेशन में इसे खाने से परहेज करना चाहिए। तला हुआ चिकन, तली हुई पनीर की छड़ें, तली हुई फ्रेंच फ्राइज़ ये सभी हाइड्रोजनीकृत तेलों के साथ पकाया जाता है और इसमें ट्रांस वसा भी होती है, जो संभवतः डिप्रेशन की समस्या को बढ़ावा देती है।

 ज्यादा सोडियम - Excess Sodium

अगर खाने में ज्यादा सोडियम या नमक है तो उसे खाने से बचें। इसे ब्लडप्रेशर के साथ-साथ डिप्रेशन में भी सही नहीं माना जाता है। सोडियम खाने से स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। कुछ व्यक्तियों में हृदय या किडनी रोग की समस्या भी देखने को मिलती है। आपको बता दें कि अतिरिक्त सोडियम आपके न्यूरोलॉजिकल सिस्टम को बाधित कर सकता है, डिप्रेशन की समस्या पैदा कर सकता है, और आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को भी कम सकता है। इसलिए जितना हो सके सोडियम का कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए।



↪ कैफीन का सेवन - Caffeine

कैफीन एक उत्तेजक (stimulant) पदार्थ है जो दुनिया भर में ड्रग के रूप में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है। रोजाना लाखों लोग खुद को एक्टिव रखने, थकान दूर करने एवं एकाग्रता एवं ध्यान को बेहतर करने के लिए किसी न किसी रूप में कैफीन का सेवन करते हैं। आमतौर पर कैफीन कॉफी, चाय और चॉकलेट एवं अन्य खाद्य पदार्थों में पाया जाता है।

कैफीन के अत्यधिक सेवन से चिंता (anxiety), घबराहट, बेचैनी, कंपकपी, दिल की धड़कन बढ़ना एवं नींद आने में परेशानी हो सकती है। कुछ विशेषज्ञों के मुताबिक, कैफीन की मामूली मात्रा भी डिप्रेशन और चिंता जैसी समस्या को पैदा कर सकती है। इसलिए इसके सेवन से जितना हो सके दूरी बनाकर रखें।


↪ Conclusion  

तो अब आप जान ही चुके होंगे कि " Depression  mein kya khaaye aur kya nhi khaaye " ताकि आपको एक स्वस्थ और संतुलित भोजन प्राप्त हो सके। उम्मीद है आपको ये Article अच्छा लगा होगा। अपने विचार Comment box में जरूर शेयर करें, हम मिलेगें आपसे फिर किसी नए और फ्रेश आर्टिकल में तब तक के लिए खुश रहें और स्वस्थ रहें, 
धन्यवाद। 

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1 Comments

  1. तनाव के लिए सबसे बढ़िया उपाय है सो जाओ. कही घुमो बस इतना ही सुना था आपकी पोस्ट में इतने सारे टिप्स मिले है की तनाव तो पढ़ते पढ़ते ही दूर हो गया. good work sir nice tips

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