18 बेहतरीन उपाय अवसाद (Depression) से छुटकारा पाने के लिए ।

अक्सर हम सभी ने अपने आस-पास ऐसे लोगों के बारे में जरूर सुना होगा, जो डिप्रेशन या की अवसाद का शिकार हैं। डिप्रेशन के प्रमुख कारण हमारी जीवन शैली (Lifestyle), काम का प्रेशर, स्वास्थय के लिए हानिकारक आदतें, अनुवांशिक प्रवृत्ति आदि शामिल हैं। Depression "Depression se bachne ke top 18 behtreen upay in Hindi बहुत खतरनाक है।

अवसाद से छुटकारा पाने के 18 बेहतरीन उपाय।

Depression se bachne ke top 18 behtreen upay in hindi
डिप्रेशन का रोगी बहुत दुखी और निराश महसूस करता है। कुछ मामलों में तो ऐसा भी हाेता है कि रोगी आत्महत्या (Suicide) भी कर लेता है। इसलिए इसे मामूली समझने की गलती न करें। 



इसका इलाज दवाइयों और मनोविश्लेषक (Psychoanalysis) के द्वारा किया जा सकता है। इसके अलावा अपनी जीवनशैली को बदल कर भी Depression se bacha jaa sakta हैं। अपने लाइफ स्टाइल के अनुसार हमे जरूरत है कि अपने सोचने के नजरिए और खान-पान पर विशेष ध्यान दिया जाए। चलिए जान लेते है कि Depression Yaani Avsaad se bachne ke 18 Behatreen upay कौन से है ?

विषय सूची :-

 1. प्राणायाम को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।

Depression se bachne ke top 18 behtreen upay in hindi
                     Image Source = zliving.com
हमारे शरीर में जितने भी चेष्टाएँ होती है उन सभी का हमारे प्राणों से सम्बन्ध होता है प्राणायाम हमारे लिए बहुत ही ज़रूरी है क्योकि इसकी मदद से हम अपनी इन्द्रियों एवं मन के दोष् दूर कर सकते है।

और उनको अपने वश में रख सकते है वैसे तो मन किसी के काबू में नहीं रहता लेकिन प्राणायाम की मदद से हम अपने मन को काबू में रख सकते है।

प्राणायाम करने से मनुष्य के मानसिक विकार दूर हो जाते है। प्रतिदिन प्राणायाम करने से Depression  में काफी लाभ मिलता है। प्राणायाम का अभ्यास करने वाले व्यक्ति को सदा सकारत्मक विचार, और वो हमेशा ही चिंता मुक्त और उत्साह से भरा हुआ रहता है।

वैसे तो ये भी व्यायाम की एक पद्धति है, जिससे आपके फेफड़े मजबूत होते है एवं आपको दीर्घ आयु का लाभ मिलता है और साथ ही साथ आप विभिन्न रोगो से छुटकारा भी पा सकते है। अगर आप रोज़ प्राणायाम करेंगे तो इससे आपकी स्मरण शक्ति भी बढ़ती है।

👉 प्राणायाम करते समय ध्यान रखने वाली बातें :-

1. मन शुद्ध और शांत :- सबसे पहले तो प्राणायाम करते समय हमारा शरीर और मन दोनों शुद्ध और शांत होने चाहिए।

2. रीड की हड्डी :- एक बात को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए कि जब भी हम कोई आसन करते हैं तो हमारी रीड की हड्डी सीधी होनी चाहिए।

3. तनाव मुक्त रहें :- आप जब भी प्राणायाम करें तो आपके शरीर में कोई भी तनाव नहीं होना चाहिए। अगर ऐसे नहीं होगा तो जो आप प्राणायाम करेंगे भी तो उसका लाभ नहीं होगा।


4. साँसों पर दें विशेष ध्यान :- प्राणायाम करते समय अपनी सांसो को धीरे धीरे अंदर-बाहर छोड़े, इसमें कोई भी जल्दबाज़ी न करे।

5. मन में ॐ का जाप करें :- आप अपनी हर साँस के साथ-साथ अपने मन में ॐ का जाप करे जिससे आपको आध्यात्मिक एवं मानसिक लाभ मिलेगा और जो प्राणायाम आप कर रहे है उसका आपको दुगुना लाभ मिलेगा।​

ध्यान दें ​:- ऐसा नहीं है कि सिर्फ बीमार लोगो को ही प्राणायाम करना चाहिए। अगर आप बीमार नहीं भी है, तो भी आप प्राणायाम कर सकते है इससे आपका शरीर हमेशा स्वस्थ बना रहेगा।


2. हमेशा खुश रहने की कोशिश करें। 

जैसा की हम सभी जानते ही हैं कि सुख और दुख दोनों एक ही सिक्के के दो पहलु है और हर इंसान को अपने जीवन में कभी न कभी सुख और दुख दोनों का सामना करना ही पड़ता है।

जीवन के सुखी पलों को इंसान हंसते-खेलते गुजार देता है लेकिन दुख में वहीं इंसान हताश, निराश और परेशान हो जाता है। कभी-कभी उसे अपने दुखों से बाहर आने का कोई रास्ता नज़र नहीं आता है और वह इंसान धीरे-धीरे डिप्रेशन का शिकार हो जाता है।

दुख की परिस्थिति में भी खुश रहकर सफल जीवन जीने की कला हर किसी को नहीं आती है। इसलिए हम आपको बताने जा रहे हैं खुश रहने के खास मंत्र, जो आपको जीवन के किसी भी मोड़ पर दुखी नहीं होने देंगे।

1. हर किसी से प्रेमपूर्वक मिलें :- जीवन में हर पल खुश रहने का सबसे पहला मंत्र यह है कि हर व्यक्ति से प्रेमपूर्वक मिलें। भले ही वो इंसान जैसा भी हो लेकिन उसे सम्मान दें।

2. परिस्थिति के अनुसार खुद को Adjust करें :- कोई भी स्थिति जैसी हो वैसी ही रहने दें। कभी-कभी हम किसी स्थिति को अपने हिसाब से बदलने की कोशिश में लग जाते हैं लेकिन फिर भी हालात वैसे ही बने रहते हैं। इसलिए हर स्थिति को परफेक्ट बनाने के बजाय स्थिति जैसी हो उसी की अनुसार अपने आप को ढाल लेना जरूरी है, क्योंकि कुछ चीजों को परफेक्ट बनाने के चक्कर में बहुत कुछ बर्बाद हो जाता है।

3. खुद को समय दें :- हमेशा खुश रहने के लिए जरूरी है कि आप खुद से प्यार करें और खुद के लिए समय अवश्य निकालें। इसके साथ ही अपनी जरूरतों को प्राथमिकता देना सीखें, क्योंकि अक्सर हम दूसरे कामों में उलझकर खुद को नजरअंदाज कर देते हैं।

4. ज्यादा न सोचें :- भविष्य के बारे में ज्यादा मत सोचें। आप अपने लिए किसी परिवार से कम नहीं है इसलिए हालात चाहे जैसे भी हों उसका आनंद उठाएं और भविष्य के बारे में सोचकर अपना वर्तमान खराब ना करें।

5. सकारात्मक सोचें :- खुश रहने के लिए जरूरी है कि हर चीज के प्रति आपका नजरिया बिल्कुल सकारात्मक बनाये रखने की हमेशा कोशिश करते रहें।

6. खतरनाक परिस्थितियों में ना घबराएं :- हमे कभी भी किसी आशंका को लेकर डरना नहीं चाहिए। अक्सर इंसान किसी घटना की आंशका को लेकर अपने आज को खराब कर लेता है। इसलिए हमेशा सकारात्मक सोच के साथ हर पल को ख़ुशी के साथ जीने का प्रयत्न करते रहना चाहिए।

7. नकारात्मकता से दूर रहें :- खुश रहने का एक मंत्र यह भी है कि जितना हो सके अपने आप को हमेशा नकारात्मक माहौल से दूर रखने की कोशिश करें।

8. कुछ नया करने की सोचें :- हमेशा कुछ न कुछ नया करने के प्रयत्न में लगे रहना चाहिए। इससे आपको अपने भीतर उत्साह एवं जोश के साथ साथ ख़ुशी का भी एहसास होगा।

3. दिमाग को व्यस्त रखने की कोशिश करें। 

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Depression se bachne ke liye दिमाग को हमेशा किसी न किसी कार्य में व्यस्त रखना चाहिए। जो व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार होते है, वह खाली समय में उल्टी-सीधी नकारात्मक बातें सोचते रहते है, जो कि उनके लिए शारीरिक और मानसिक तौर पर खतरनाक होती है।

जिस प्रकार से शारीरिक व्यायाम करके शरीर को चुस्त-दुरूस्त किया जाता है ठीक उसी तरह दिमागी क्रियाएं करने से मानसिक व्यायाम हो जाता है और दिमाग स्वस्थ रहता है। लोग दिमागी कसरत न करने के कारण अपनी पढाई लिखाई भूल जाते हैं। दिमाग को व्यस्त रखने से यादाश्त भी बढती है।

Depression se bachne ke liye दिमाग को व्यस्त रखने के कुछ तरीके :-

1. दिमाग को एक्टिव रखें :- आप दिमाग का जितना उपयोग करते हैं, आपका दिमाग उतना ही सक्रिय रह पाता है। इसलिए अपने दिमाग को ज्यादा से ज्यादा सक्रिय रखिए।

2. पुस्तकें पढ़ें :- आपके पास कोई Job या Business नहीं है तब आपके पास बहुत समय है। फुरसत के समय अपने बच्चों की पुस्तकें पढ़ें या देखें। यह जरूरी नहीं कि हमेशा आप बडे लेखकों की ही किताबें पढें। बच्चों की किताबों में बहुत ही आसान भाषा का प्रयोग होता है, जो आपको आसानी से समझ में आ जाएगी।

3. न्यूज़ पेपर पढ़ें :- समाचार-पत्र एवं पत्रिकाएं नियमित रूप से पढ़िए। टीवी देखने की अपेक्षा आप किताबों और पत्र-पत्रिकाओं को ज्यादा समय दीजिए। क्योंकि, पढ़ने से कल्पनाशीलता बढ़ती है और इसके द्वारा दिमागी व्यायाम भी हो जाता है।

4. पहेलियाँ सुलझाएं :- अखबार और मैगजीन में निकली पहेलियों को सुलझाइए। इससे आपकी दिमागी कसरत हो जाती है।

5. टीवी पर क्विज़ शो देखें :- टीवी पर ऐसे कार्यक्रम देखिए जिससे आपका ज्ञान बढे। टीवी पर आने वाले क्विज शो, टॉक शो देखिए।

4. Depression se bachna hai to खुद पर विश्वास रखें। 

एक चींटी ने आदमी से कहा “लोग मेरा रास्ता रोकते हैं और मैं दूसरा रास्ता ढूंढ लेती हूँ और आगे चलती रहती हूँ। लोग मुझे दीवार से गिरा देते हैं मैं पलटकर फिर से चढ़ने लगती हूँ।

जो भी अवरोध हो या अवरोध बेहद मुश्किल हो मुझे खुद पर विश्वास रखते हुए आगे बढ़ते रहना हैं  जब तक मेरी मृत्यु नहीं हो जाती मैं संघर्ष करती रहूंगी, मैं जूझती रहूंगी और मैं इस विश्वास पर कायम रहती हूँ।"

इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता हैं कि अन्य लोग आप पर विश्वास करते हैं या नहीं आपको विश्वास होना चाहिए कि आप कर सकते हैं और यदि आप ऐसा ही करते रहे तो जो आप चाहते हैं वह बन सकते हैं।

इसलिए सबसे ज्यादा जरुरी खुद का खुद पर विश्वास होना हैं। अगर आपका खुद पर विश्वास मज़बूत है तो आप किसी भी तरह की परेशानी, मुसीबत और विपरीत परिस्थिति का डट कर सामना कर सकते हैं।

5. सही Lifestyle Choose करें। 

हमारी जीवनशैली हमे तनाव से दूर रखने में काफी मदद करती है। इसलिए हमें अपनी लाइफस्टाइल पर विशेष ध्यान देना चाहिए। लाइफस्टाइल सेट करने का सबसे बेहतर तरीका है कि अपनी दिनचर्या निर्धारित करें।

इसके लिए जरूरी है कि रात को समय पर सोएं और सुबह समय पर उठें अर्थात जल्दी उठ जाएं। इसके बाद कुछ देर पैदल टहलें। साथ ही शरीर के लिए आवश्यक अन्य व्यायाम अवश्य करें, जैसे मेडिटेशन, अनुलोम-विलोम, कपालभांति आदि। इसके बाद अपनी सुविधानुसार पौष्टिक नाश्ता जरूर करें।



हेल्थ Experts का कहना है कि दिन में हर चार-पांच घंटे के अंतराल पर फल, नट्स या अन्य पौष्टिक स्नैक्स आदि अवश्य लेते रहना चाहिए। बहुत देर तक खाली पेट न रहें।

6. सकारात्मक सोच रखना जरूरी है। 

Depression se abchne ke liye यह भी जरूरी है कि किसी भी कार्य को लेकर यह न सोचें कि केवल बुरा ही होगा न ही यह कि केवल अच्छा होगा। सकरात्मक सोचते हुए जो भी होगा उसे स्वीकार करने की प्रवृत्ति रखें।

आप कैसे दिखते हैं, या कोई आपको पसंद करता है या नहीं, इन सब बातों की परवाह न करें। लोग सूरत से नहीं सीरत से प्रभावित होते हैं। नकारात्मक सोच वालों से दूर रहें।

हमारी सोच का भी हमारी सेहत पर काफी प्रभाव पड़ता है। इसलिए अपनी सोच हमेशा पॉजिटिव रखें।

अगर अन्य शब्दों में बात की जाए तो सकारात्मक सोच रखना एक विकल्प है। आप ऐसे विचार सोच सकते हैं या मन में ला सकते हैं जो आपके मूड को ठीक कर देते है, जो कठिन परिस्थितियों से बाहर निकलने के लिए रोशनी का काम करते है, और आपके जीवन में खुशियों के रंग भर देने के लिए पर्याप्त है।

जीवन के प्रति सकारात्मक सोच रखने से, आप अपने मन को नकारात्मक सोच के दायरे से बाहर लाने की शुरूआत कर सकते हैं और आप देखेंगे की आपका जीवन परेशानी और बाधाओं के बजाय संभावना और उपाय से परिपूर्ण हो जाएगा।

सकारात्मक सोच कैसे लाएं :-

1. विचारों को नोट करें :- आपके दिमाग़ में जो भी विचार आते हैं उनको लिखें। रोज सुबह जल्दी उठें और अपने आसपास के माहौल, अपने परिवार और दोस्तों और सहकर्मियों के बारे में दस सकारात्मक विचार लिखें। इससे आपका नज़रिया बदलेगा और आप अपनी सोच में परिवर्तन महसूस करेंगे।

2. मुस्कुराना सीखें :- मुस्कुराने की कोई भी वजह हो उसे याद कीजिए और हँसिए। आप विशवास नहीं करेंगे अगर आप ऐसे करते है तो आप निश्चित ही अपनी सकारात्मक सोच को बढ़ा रहे है। इससे आपके अंदर एक तरफ तो उर्जा का संचार होगा और दूसरी तरफ आपके साथ वाले लोगों में भी सकारात्मकता आएगी।

3. दूसरों की सफलता से सीखें :- किसी से भी ईर्ष्या और द्वेष की भावना न रखें। ऐसी भावनाएँ हमारी अच्छाई को खत्म करती है। दूसरों की सफलताओं से सीखें और मेहनत करें।

4. अपने आपको व्यस्त रखें :- खाली बैठे रहने से हमारे मन में अत्यधिक विचार आते हैं। ये हम सभी जानते हैं की खाली दिमाग शैतान का घर होता है। किसी न किसी काम को करते रहिए। आप अपने आप को ज़रूरतमंद लोगों की मदद में भी व्यस्त रख सकते हैं।

5. धूम्रपान और एलकोहल का सेवन न करें :- नशीली चीज़ों का प्रयोग और धूम्रपान बंद कर दें। इससे नकारात्मक विचार भी आते हैं और बीमारियाँ भी आती है। सबसे बढ़िया है की आप योग करें और ध्यान लगाएँ। योग और ध्यान में ऐसी शक्ति है की बड़ी से बड़ी नकारात्मकता को ख़त्म कर देती है।

7. समय प्रबंधन (Time Management) को समझें। 

आज के भागदौड़ भरी जीवनशैली में यह बहुत जरुरी है की आप अपने दिनभर के कार्यो की सूची बनाए और सबसे पहले जरुरी कार्यो को पूरा करे। जरुरी कार्यो को टाले नहीं अन्यथा वे बाद में तनाव का कारण बनेंगे।

बेहतरीन समय प्रबंधन के लिए कुछ जरूरी टिप्स :-

1. एक दैनिक योजना बनाऐं :- यह योजना आप रात में सोने से पहले या फिर सुबह में बना लें। इससे यह फायदा होगा कि कल पूरे दिन में आप क्या करने वाले हैं इसका पता चल जाएगा। अब आप अपने प्लान के मुताबिक अपने कम को करते रहेंगे।

2. स्मार्ट वर्क करें :- सबसे पहले उस कार्य को उठाएँ जो की बहुत ज़रूरी है, और उसे जल्द से जल्द ख़त्म करने का प्रयास करें। जो कार्य सप्ताह के अंत तक होने हैं, उन्हे हर एक दिन थोड़ा थोड़ा किया जाना चाहिए। जिससे अंत मे उसे ख़त्म करने में बिल्कुल कठिनाई ना हो।

3. प्रत्येक कार्य के लिए एक समय निर्धारित करें :- यह स्पष्ट रखें कि पहला काम 10 बजे तक दूसरा काम 2 बजे तक और तीसरा काम 5 बजे तक कर लेना है। इससे आपका काम न सिर्फ समय पर होता है बल्कि एक काम का समय दूसरे काम में नहीं देना पड़ता है।

4. बहु कार्यण :- एक शब्द है - 'Multitasking' अर्थात एक साथ कई काम करना। इसमे कभी-कभी कोई भी काम समय पर पूरा नहीं होता है, ऐसे में सिर्फ एक मुख्य काम पर ध्यान केन्द्रित करें। इससे आपका काम शीघ्र और पूर्ण रूप से होगा।

5. काम के बीच में छोटे-छोटे अवकाश लेते रहें :- ऐसा करने से आप तरोताज़ा रहेंगे, काम में उत्साह बना रहेगा और सही दिशा की ओर ध्यान केंद्रित करने में आसानी होगी।

8. स्वंय के लिए समय निकालें। 

तनाव हमारे मन पर ही नहीं बल्कि हमारे रिश्तों व हमारे सामाजिक जीवन पर भी बुरा असर डालता है। अक्सर जब हम एक ही दिनचर्या में रहते हैं तब हमारा मन उदास हो जाता है।

इस उदासी को दूर भगाने के लिए आपको कुछ खाली समय निकालने की जरुरत होती है। इस समय में आप मालिश कर सकते है, फोन पर गप्पें मार सकते हैं या अपने दोस्तों या पड़ोंसियों के घर जा सकते हैं।

अगर कुछ ना सुझे तो बिस्तर पर आराम से लेटकर कोई किताब पढ़ सकते हैं।

हम पूरे दिन इतने व्यस्थ रहते हैं कि हमें अपने लिए वक़्त निकलने का ख्याल ही नहीं आता है। आप सोचते होंगे कि जब दिन भर करने के लिए ढेरों काम पड़े हों तो कोई अपने लिए वक़्त कैसे निकालेगा ?

समय अपनी रफ्तार से दौड़ता रहेगा और काम कभी खत्म होने का नाम नहीं लेंगे। इन सब के बीच आराम करने के लिए कुछ समय निकालना भी बहुत जरुरी है।

इसके लिए आपको एक महीने की छुट्टी पर जाने की योजना बनाने की जरुरत नहीं है बल्कि दिन में आधे घंटे का आराम भी आपके लिए काफी है।

इसके लिए आप Park में जा सकते है ये ना सोचें कि यह समय की बर्बादी होगी बल्कि यह आपको बचे हुए कामों को पूरा करने का तरीका और शक्ति देगा।

9. नशे से हमेशा दूर रहें

अधिकतर लोग जो सबसे बड़ी गलती करते है वह है तनाव के समय नशा आदि शुरू कर देना होता है। जब कोई व्यक्ति तनाव में होता है तब उसे किसी सहारे की जरुरत पड़ती है

लेकिन अधिकांश लोग इसका उपचार गलत ढूंढते है और इससे निकलने के लिए नशे का सहारा लेते है जो की बिलकुल भी उचित नहीं है। 

नशे (Tobacco, Alcohol) का सेवन करने से हमारे सोचने की क्षमता पर काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जिससे हमारा तनाव कम होने के बजाय ओर ज्यादा बढ़ जाता है। इसलिए जितना हो सके नशे से दूर ही रहना चाहिए।

जो लोग नशा करते है। उन्हे लगता है कि अगर वह छोड़ देगें तो उनका जीवन खत्म हो जाएगा। जबकि यह बिल्कुल गलत है। जो लोग नशा करते है उसे छोड़ने में आप कही ज्यादा संतुष्ट, स्वस्थ और खुश रहेगें। इसके लिए आपको अपनी लाइफस्टाइल में थोड़ा बदलाव लाना होगा।


10. दूसरों की मदद करें। 

दूसरो की मदद करना एक बहुत ही बेहतरीन और अच्छा गुण होता है। जो आपको बहुत खास बना देता है। अगर आप तनाव में हो और तब आप अगर किसी गरीब की या जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करते हो तो निश्चित है की आपका तनाव बहुत हद तक कम हो जाएगा।

किसी की सहायता करने से मिलने वाली संतुष्टि हमारे Stress Level को कम करती है और हमें तनाव से मुक्त होने में मदद करती है। जब दूसरों का जीवन बेहतर होगा तभी आपका जीवन बेहतर बनेगा।

11. अपनी हॉबी को वक्त दें। 

आप चाहें जितने भी व्यस्त हों लेकिन अपने शौक यानी हॉबी को जरूर पूरा करना चाहिए। उसके लिए समय जरूर निकालें। ऐसा करने से आप मानसिक रूप से भी खुद को तरोताजा महसूस करेंगे।

मस्तिष्क में फील गुड हॉर्मोन का स्त्राव होता है जिससे आपकी मेंटल हेल्थ पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और जब आप मानसिक रूप से खुश और स्वस्थ रहेंगे तो जाहिर सी बात है शरीर भी फिट रहेगा।

दूसरे शब्दों में बात करें तो हमारी हॉबी हमें कभी भी अकेला नहीं रखती है यह हमारे अन्दर जीने की इच्छा को बनाए रखती है। जब हम अपने पसंद के काम को ख़ुशी से करते हैं तो हमारे अन्दर सकारात्मकता (positivity) आती है और साथ ही साथ आपको तनाव से भी दूर रहने में भी मदद मिलती है।

12. स्वस्थ और मस्त ज़िंदगी के लिए नींद जरूरी है। 

गहरी नींद यानी Sound Sleep लेना हर किसी की चाहत होती है, वो भी बिल्कुल बच्चों जैसी। लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में यह मुश्किल हो गया है। दिनभर कड़ी मेहनत करने के बाद जब आप शाम को घर लौटते हैं तो भी आपको पूरी नींद नहीं मिल पाती है।

चैन की नींद लेना तनाव दूर करने का सबसे उपयुक्त तरीका होता है। आप खुद इसे आजमा के देख सकते है। जब हम गहरी नींद लेते है तो तब हमें काफी राहत (Relax) मिलती है और हम बेहतर महसूस करते है। वैसे एक दिन में हर व्यक्ति को 7 से 8 घंटे की नींद अवश्य लेनी चाहिए।

अच्छी और गहरी नींद आने के आसान उपाय :-

1. रोग का इलाज़ करवाएं :- किसी रोग की वजह से अगर नींद न आने की समस्या हो रही है तो ज़रूरी है की सबसे पहले उस रोग का इलाज करे।​

2. सरसों के तेल की मालिश :- सरसों के तेल से पैरों के तलवों की मालिश करने से भी अच्छी नींद आती है।​

3. पैरों को साफ़-सुथरा रखें :- आपको अगर नींद कम आती है या देरी से आती है तो रात को सोने से पहले दस मिनट के लिए पैरों को गरम पानी में डाल कर बैठे फिर पैरों को साफ़ करें और सो जाए। सोते वक़्त पैर गरम रखने से अच्छी और गहरी नींद आती है।​

4. दूध का सेवन :- गहरी नींद लाने के लिए रात को सोने से पहले 1 गिलास गरम दूध पीना भी लाभदायक है।​

5. ग्रीन-टी का सेवन :- अनिद्रा का घरेलू इलाज में ग्रीन टी का सेवन करने से भी फायदा मिलता है। ग्रीन टी के सेवन से मानसिक तनाव दूर होता है। ध्यान रहे पूरे दिन में ग्रीन टी के एक या दो कप ही पिएं।


13. अच्छी एवं पसंदीदा किताबें पढ़ें। 

किताब पढ़ना हर किसी को जल्दी पसंद नहीं आता। कई बोलते हैं उनको किताब पढ़ने से बोरियत होती है तो किसी का कहना होता है कि उनके पास इतना समय ही नहीं है। पर वहीं दूसरे लोग हैं जिन्हें किताब का एक पन्ना पढ़े बिना नींद ही नहीं आती है।

किताब पढ़ने से हमारे शरीर को ढ़ेर सारे लाभ मिलते हैं। उसमें से एक है अच्छी नींद का आना। रात को अगर अच्छी किताब पढ़ कर सोया जाए तो दूसरा दिन काफी ऊर्जा भरा होता है। हर इंसान को हर दिन आधे घंटे के लिये जरुर किताब पढ़नी चाहिये।

किताब पढ़ने से तनाव और अकेलापन भी दूर होता है। आप ऐसी किताबो को पढ़ सकते है जो आपको एक नयी सोच, नई उमंग और आत्मविश्वास से जीवन में आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करें। आप महान व्यक्तियों की जीवनी, प्रेरणादायक कहानियां या जो भी आपका पसंदीदा विषय है उससे सम्बंधित किताबे भी पढ़ सकते है।

14. हंसते रहें और हंसाते रहें। 

दिनभर में कितनी बार इस तरह हंसते हैं कि आपकी आंखें, होंठ और पेट सब हंसते हुए दिखाई दें? जीवन के वे क्षण अनमोल होते हैं जब आप खुलकर हंसते हैं। कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपकी उम्र क्या है और आपके पास कितना पैसा है। यदि हंसना जानते हैं, तो आप सबसे धनी हैं। संभव ही नहीं कि बहुत देर तक उदासी आपके पास ही अटकी रहे।


तनाव में व्यक्ति हमेशा मुरझाया नजर आता है उसका चेहरा उदास रहता है इससे निकलने के लिए आप ऐसी चीजों से जुड़ सकते है जो आपको अच्छा महसूस कराए और आपको खुशी दे। आप टीवी देख सकते है, हँसने वाले सीरियल देख सकते है, यूट्यूब (Youtube) में हजारों हास्य विडियो देख सकते है, जोक्स पढ़ सकते है और उन लोगो के साथ रह सकते है जो हँसाने में माहिर होते है। ऐसे में एक तो आप अच्छा महसूस करेंगे और साथ ही साथ तनाव से भी दूर रहेंगे।




15. म्यूजिक को दें विशेष महत्त्व। 

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टेंशन एक बड़ी समस्या हैं। ऐसे में, म्यूजिक एवं संगीत इसे दूर करने काफ़ी मदद कर सकता हैं। कई अध्यनों में यह बात साबित हो चुकी हैं कि म्यूज़िक सुनने वाला व्यक्ति जल्दी रिलैक्स हो जाता हैं और उसके ब्रेन का वह पार्ट ज़्यादा एक्टिव हो जाता हैं, जो एमोशनल एक्टिविटी और नींद से जुड़ा होता हैं। इससे डिप्रेशन भी कम हो जाता हैं। एक रिसर्च में भी सामने आया है कि म्यूजिक वाकई में मनुष्य की चिंता, टेंशन और डिप्रेशन के लेवल को कम कर देता हैं। डिप्रेशन और तनाव को दूर करने के लिए शास्त्रीय संगीत (Classical Music) सबसे ज़्यादा मददगार हैं।

म्यूजिक मन को सुकून तो देता ही है, लेकिन अब यह ईलाज की एक पद्धति भी बन चुका है। कई स्वास्थ्य समस्याओं से राहत दिलाने में अब म्यूजिक थेरेपी का इस्तेमाल किया जा रहा है। तनाव, अनिद्रा और अन्य कई मानसिक समस्याओं के लिए म्यूजिक थेरेपी के प्रयोग के प्रभावशाली परिणाम भी सामने आ रहे हैं। म्यूजिक का आनंद किसी भी समय लिया जा सकता है। घर, दफ्तर, सफर हर जगह म्यूजिक आपकी पहुंच में होता है। यह मनोरंजन और सुकून का दोहरा लाभ देता है।

16. संतुलित भोजन करें ताकि शरीर को मिले ऊर्जा। 

खाना हमारे शरीर में ईंधन का काम करता है। खाने से ही हमें पोषक तत्व मिलते हैं जो शरीर को कार्य करने में मदद करते हैं और ऊर्जा भी देते हैं। भोजन से ही मस्तिष्क भी बेहतर कार्य कर पाता है। नियमित संतुलित भोजन खाएं जिससे शरीर को लगातार ऊर्जा मिलती रहे। खाना छोड़ने से शरीर और मस्तिष्क दोनों ही थका हुआ महसूस करता है। बहुत ज्यादा कैफीन से बचें। कैफीन की ज्यादा मात्रा आपकी नींद को प्रभावित कर सकती है।

17. अध्यात्म से जुड़कर खुद को बेहतर बनाएं। 

अध्यात्म वह प्रक्रिया है जिससे जुड़कर आपको आत्मा और परमात्मा का ज्ञान होता है। यह आपको खुद से जोड़ने का काम करता है और जीवन में चल रही हलचल को शांत करने में मदद करता है साथ ही तनाव और डिप्रेशन को भी कम करता है। इसके जरिए आप अपने आस-पास फैली नकारात्मकता को कम कर सकते हैं। हमारे लिए शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य भी जरुरी होता है जिसे हम नजरअंदाज कर देते है। अध्यात्मिक होकर हम मानसिक रूप से मजबूत हो जाते हैं।

अध्यात्म हमें अपनी भावनाओं और इच्छाओं को नियंत्रित करने की क्षमता देता है। अध्यात्म को पाने के लिए जिन तरीकों और बातों का पालन किया जाता है उनसे भी हमारे जीवन में सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अध्यात्म न केवल जीवन में एक नयी रोशनी का संचार करता है बल्कि ये हमें मानसिक रूप से प्रतिकूल परिस्थितयों में लड़ने के लिए समर्थ बनाता है।

अध्यात्म को पाने के लिए क्या करें :-
1. रोजाना ध्यान लगाएं।​
2. सुबह-सुबह प्रार्थना करें।
3. किसी ऐसे समूह से जुड़े जो अध्यात्म के और करीब ले जाए या जो अध्यात्मिक हो।
4. अध्यात्मिक किताबें पढ़ें।
5. लोगो से अच्छा व्यवहार करें।
6. इस बात का जरुर ध्यान दें कि अध्यात्म और धर्म का आपस में कोई सम्बन्ध नहीं है।

18. कंप्यूटर पर लगातार काम करने से बचें। 

कंप्यूटर पर लगातार काम करते रहने से न केवल आंखें थक जाती हैं, बल्कि इसका असर हमारे दिमाग पर भी पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि दिमाग की और आंखों की थकान से बचने के लिए जरूरी है कि लगभग हर दो घंटे के अंतराल पर कम से कम पांच मिनट का ब्रेक जरूर लें। इस दौरान हाथों को अच्छी तरह साफ करके दो मिनट के लिए हाथों से पलकों को बंद कर लें। इसे पॉमिंग कहते है। इससे आपकी आँखों को काफी आराम मिलेगा।


 #  Conclusion :- 

इस Article में आज हमने जिन भी डिप्रेशन से संबंधित पहलुओं के बारे में Discuss किया है। उन्हें पढ़कर आप इतना तो जान ही चुके होंगे कि डिप्रेशन यानी अवसाद को हम अपनी जीवनशैली में बदलाव लाकर कैसे कम कर सकते है। ताकि हम और हमारे चाहने वाले स्वस्थ रह सकें।


दोस्तों आपको ये Article "Depression se bachne ke liye 18 Behatreen Upay"  कैसा लगा अपने
विचार कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। 

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2 Comments

  1. Nine article and your blog. Please ye bataye ki apke is blog pe konsi theme hai. Please bataye.

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    1. Thank You Very Much RK SUPPORTS JI....
      Is theme ka naam Cyber hai...
      aap ise bahut hi easily Google se download kar skte hai...
      Agar aapko naa mile to hmse contact kijiegaa ...
      Hum aapko file bhej denge.....

      Delete

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